रुद्रप्रयाग। स्थायी राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति ने सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल किए जाने की अटकलों का विरोध किया। कहा कि प्रदेश सरकारें पहाड़ी राज्य की मूल अवधारणों को पहले ही हाशिए पर पहुंचा चुकी हैं। अब, मैदान क्षेत्रों को राज्य में शामिल कर वर्तमान सरकार पहाड़ का अस्तित्व समाप्त करना चाह रही है, जिसका घोर विरोध किया जाएगा। इस दौरान समिति ने राज्य आंदोलनकारी बाबा बमराड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोहित डिमरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के 17 वर्षों में भाजपा-कांग्रेस सरकारें स्थायी राजधानी तय नहीं कर पाई हैं। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल करने की बात कही थी। कहा कि सीएम की गैरसैंण राजधानी के सवाल पर चुप्पी और यूपी के हिस्सों को उत्तराखंड में शामिल करने की सोच, सही नहीं है। इस मौके पर एडवोकेट केपी ढौंडियाल, प्यार सिंह नेगी, पुरुषोत्तम चंद्रवाल, राय सिंह रावत और विनोद डिमरी आदि थे।