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श्रद्धालुओं से अतिथि देवो भव: जैसा व्यवहार करें: चौधरी

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रुद्रप्रयाग। पशुपालन विभाग की ओर से घोड़ा-खच्चर मालिक व संचालकों को प्रशिक्षण के तहत व्यवहारिक ज्ञान व प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी गई। केदारनाथ यात्रा को व्यवस्थित बनाने और श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार पर जोर दिया गया।
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ब्लाक सभागार में आयोजित गोष्ठी में विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रशासन की यह पहल स्वागतयोग्य है। इस तरह के शिविरों से भविष्य में यात्रा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही देश सहित विदेशों में भी अच्छा संदेश प्रचारित होगा। डीएम मंगेश धिल्डियाल ने कहा कि केदारनाथ यात्रा को सुगम व सरल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि छह चरणों में ये प्रशिक्षण शिविर अलग-अलग स्थानों पर होंगे। इस मौके पर घोड़ा संचालकों ने यात्रा के दौरान जानवर को दिए जाने वाले चना, कुटा व गुड़ में मिलावट होने की बात कही। घटिया उत्पाद के बाद भी उनसे अधिक मूल्य वसूला जाता है। ये उत्पाद इतने खराब होते हैं कि पशु को खिलाने लायक भी नहीं होता। संचालक यशवीर सिंह ने बताया गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अधिक चढ़ाई व उतार के चलते घोड़ा-खच्चरों की अधिक भार ढोने से मौत होती है। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. रमेश नितवाल, डा. राजीव गोयल, डा. विजय, डा. आर्षिदा खान, डा. संजय बिष्ट, ओमप्रकाश टम्टा, जितेंद्र पाल, डीएसओ केएस कोहली समेत 258 घोड़ा-खच्चर स्वामी व संचालक मौजूद थे।
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