ऊखीमठ। भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद़्दीस्थल मक्कूमठ गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है। गांव में तीन पेयजल योजनाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से एक पर भी पानी की आपूर्ति नहीं होने से गांव के 350 परिवार परेशान हैं।
वर्ष 1980 में गांव की मुख्य पेयजल योजना जगपुड़ा से कैल पीपलनगर-धरोड़ा, जैबांज तक तीन किमी बनाई गई। तब, योजना पर दस जनता कनेक्शन (जल स्तंभ) स्थापित किए गए थे। साथ ही दस हजार लीटर क्षमता का भंडारण टैंक बनाया गया था, लेकिन, तब योजना और टैंक की मरम्मत नहीं होने लीकेज हो रहा था। जलसंस्थान द्वारा पेयजल योजना पर 135 निजी कनेक्शन भी वितरित किए गए हैं। जो, पानी के अभाव में शोपीस हो रहे हैं। गांव के लिए वर्ष 2002 में बीधारा-मक्कू पेयजल योजना व वर्ष 2006 में पनरघट-धरोड़ा पेयजल योजना का निर्माण भी किया गया, लेकिन यह भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही हैं। इन दिनों लोग, बूंद-बूंद पानी के लिए दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लगा रहे हैं। ग्राम प्रधान सरस्वती देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह नेगी, सुमन चौहान, उमेश मैठाणी आदि का कहना है, कि साढ़े तीन सौ परिवारों वाले गांव की पेयजल योजनाओं का जल्द पुनर्गठन नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
सप्ताह में तीसरे दिन मिल रहा पानी
गुप्तकाशी। केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी के कोठियाल गांव और कुमौ खोला में भी पेयजल आपूर्ति अनियमित होने से लोग परेशान हैं। पूर्व प्रधान कमल रावत ने बताया कि सप्ताह में तीसरे दिन आधा घंटे के लिए पानी की सप्लाई हो रही है। इधर, विभागीय जेई बीरेंद्र भंडारी का कहना है, कि यात्रा के चलते पानी की सप्लाई कम की जा रही है, जिस कारण दिक्कत हो रही है। जल्द ही नियमित आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
स्रोत सूखने से बढ़ा संकट
जखोली/अगस्त्यमुनि। सिलगढ़ पट्टी के बंदरतोली गांव में स्रोत सूखने से ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां जलसंस्थान का हैंडपंप भी खराब पड़ा है। ग्राम प्रधान सुशीला देवी, पूर्व प्रधान हर्षपति भट्ट, विक्रम नेगी आदि का कहना है कि विभाग को अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है। दूसरी ओर अगस्त्यमुनि मुख्य बाजार सहित गबनी गांव, सौड़ी, जवाहनगर भारी पेयजल संकट बना हुआ है।