रुद्रप्रयाग। जनता दरबार में समस्याएं लेकर पहुंचे त्यूंखरवासियों ने सरकारी सिस्टम के प्रति कड़ा आक्रोश जताया। ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 2013-14 में ग्राम पंचायत से धनोली-चिरबटिया मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था। बीते वर्ष सैद्धांतिक व वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद भी लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है।
सोमवार को पुराने विकास भवन में आयोजित जनता दरबार में 46 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमें 31 का मौके पर निस्तारण किया गया। दरबार में जखोली ब्लाक के रायड़ी गांव की नीमा देवी ने बरसात में भूधंसाव से दरारों से पटे आवासीय भवन व चौक के मरम्मत की गुहार लगाई। जवाड़ी के दुर्गा प्रसाद डोभाल ने सड़क निर्माण से काटी गई भूमि का मुआवजा नहीं मिलने पर रोष जताया। अगस्त्यमुनि ब्लाक के क्यूंजा गांव निवासी भरत सिंह ने आसों-जयकंडी मार्ग के मलबे से क्षतिग्रस्त खेत व पेयजल लाइन व स्वीली-भरदार के केएन डिमरी ने जीआईसी स्वीली का नाम स्व. दीपक डिमरी के नाम पर रखने की मांग की। जबकि सारी गांव के जयवीर सिंह ने बैंक में खाता बंद होने पर तहसील द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत डीएम से की। इस पर डीएम ने लीड बैंक अधिकारी व एसडीएम को मामले की जांच के आदेश दिए। धारतोंदला के ग्रामीणों ने राप्रावि भवन की मरम्मत की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने कहा कि जर्जर भवन कभी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है। कुरझण-चोपड़ा के कुंदीलाल ने स्टैैंड पोस्ट लगाने की गुहार लगाई। सभी दर्ज शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ, डीएफओ, एसडीएम, सीओ आदि अधिकारी मौजूद थे।