रुद्रप्रयाग। स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग के लिए प्रवासी उत्तराखंडी भी एकजुट हो रहे है। गढ़वाल, कुमाऊं, दिल्ली-देहरादून से हजारों मील दूर इंडोनेशिया, जकार्ता, ताइवान, कुवैत, दुबई, सिंगापुर में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडी भी गैरसैंण के समर्थन में सोशलमीडिया के जरिए अपनी बात रख रहे है। फेसबुक पर ‘सभ्यूं कू पहाड़ी सौंदर्य’ (उत्तराखंड परिवार) ग्रुप में विदेशों में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों द्वारा गैरसैंण समर्थन के हजारों कमेंट मिल रहे हैं।
विदेशों में रह रहे इन प्रवासियों का कहना है कि राज्य निर्माण के बाद से गैरसैंण राजधानी बनाने की मांग हो रही है, लेकिन सरकार, ठोस निर्णय नहीं ले रही है। ताइवान में नौकरी करने वाले उत्तराखंडी पुष्कर सिंह व दुबई में रह रहे महिपाल केमवाल व रोशन रतूड़ी का कहना है कि उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण बनने से ही पहाड़ी राज्य की अवधारणा सही मायनों में पूरी हो पाएगी। उत्तराखंड सरकार को त्वरित निर्णय लेना चाहिए। सिंगापुर में रह रहे अनिल सिंह बुटोला का कहना है कि उत्तराखंड में रोजगार के अवसर मुहैया होते तो हम अपने गांव, देश को छोड़ कर विदेशों में नौकरी को नहीं आते। वहीं कुवैत में नौकरी कर रहे मुकेश सिंह भंडारी ने कहा कि पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में हो, ये मांग लंबे समय से होती आ रही है, लेकिन प्रदेश सरकारें अलग-अलग राग अलाप रही हैं, जो हमें मंजूर नहीं है। जबकि जकार्ता (इंडोनेशिया) में रह रहे बीरेंद्र सिंह सेनवाल का कहन है कि जब से होश संभाला है, उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण की मांग सुनी है। राज्य आंदोलन की तर्ज पर पहाड़वासियों को राजधानी के लिए एकजुट होना होगा। हमें सिर्फ गैरसैंण राजधानी चाहिए।