पंतनगर। विश्वविद्यालय के सस्य विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. केएस शेखर ने बताया कि अक्तूबर में लगाए गए शरदकालीन गन्ने में खड़ी अंत: फसलें जैसे लाही, सरसों आदि पकने की स्थिति में हैं। इसलिए इनकी कटाई का काम शुरू कर दें। इसके बाद गन्ने की फसल में निराई गुड़ाई करें। निराई गुड़ाई के बाद यूरिया की टॉप ड्रेसिंग कर दें।
चना, मटर, मसूर में फूल आने के बाद फली बनना शुरू हो जाती है। फली बनना शुरू होते ही यूरिया के दो प्रतिशत घोल का छिड़काव करें। दूसरा छिड़काव दस दिन बाद करें। इससे दाने स्वस्थ और अधिक मात्रा में मिलेंगे।