केदारनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केदारनाथ धाम देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों की श्रद्धा का केंद्र है। धाम के पुनर्निर्माण कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। प्रकृति, पर्यावरण और लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। आदिगुरु के समाधि स्थल को भव्य बनाया जाएगा। यह स्थल किसी भी स्थिति में बाबा केदार के मंदिर से कम नहीं होगा।
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के लिए सात सौ करोड़ की पांच योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें आदिगुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल, मंदाकिनी व सरस्वती नदी पर बाढ़ सुरक्षा के तहत घाट एवं सुरक्षा दीवार का निर्माण, संग्रहालय, तीर्थ पुरोहितों के भवन और योगा/ध्यान केंद्र शामिल हैं। प्रथम चरण में करीब दो सौ करोड़ रुपये के कार्य होने हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि धाम में वैली ब्रिज से मंदिर तक मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ही इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस मार्ग पर समय के हिसाब से भक्तिमय संगीत गूंजता रहेगा। इसके अलावा, पोस्ट आफिस, बैंक, एटीएम और कंप्यूटर केंद्र की सुविधा भी यहां उपलब्ध कराई जाएगी। केदारनाथ में एप्रोच मार्ग का भी निर्माण किया जाएगा, जिसके दोनों तरफ पथ-प्रकाश की पर्याप्त सुविधा होगी। इस रास्ते के दोनों ओर जल स्रोतों को विकसित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदिगुरु शंकराचार्य की चिंतनधारा को जन-जन तक पहुंचाने और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए आदिगुरु के समाधि स्थल को भव्य रूप दिया जाएगा। मंदाकिनी और सरस्वती का धाम में अपना विशेष धार्मिक महत्व है। मंदाकिनी नदी के घाट पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कर यात्रियों के बैठने के लिए स्थान विकसित किया जाएगा।
खास शैली से बनेंगे तीर्थ पुरोहितों के भवन
केदारनाथ। पुनर्निर्माण के तहत केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों के लिए भवनों का निर्माण खास तरीके से किया जाएगा, ताकि वे अपने भवन में स्वयं रहते हुए अपने मेहमानों के साथ यात्रियों को भी ठहरा सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन भवनों का ग्राउंड फ्लोर में यात्रियों के रहने की व्यवस्था होगी, जबकि प्रथम तल को तीर्थ पुरोहित के स्वयं निवास लायक और दूसरे तल को तीर्थ पुरोहितों के मेहमान के ठहरने के लायक लिए बनाया जाएगा। इन भवनों में नियमित बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था होगी।