रुद्रप्रयाग। बसुकेदार तहसील के ग्राम पंचायत क्यार्क-बरसूड़ी के ग्रामीणों ने सिर्फ 15 दिन में स्वयं के प्रयासों से प्राथमिक विद्यालय के लिए अतिरिक्त कक्ष तैयार कर एकजुटता की मिसाल दी। कक्ष का नाम जनशक्ति अतिरिक्त कक्ष रखा गया है। अस्सी से अधिक परिवारों ने भवन के निर्माण में सहयोग दिया, जिस कारण अब इस कक्ष में अब तीन कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
बीते 6 अगस्त की रात्रि को प्राथमिक विद्यालय के एक कक्ष का बिम टूटने के बाद से भवन अति संवेदनशील हो गया था। तब, डीईओ बेसिक ने विद्यालय का संचालन हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी के एक कक्ष में करने का आदेश दिया था, लेकिन यहां पर्याप्त जगह नहीं होने से छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतें हो रही थी। यह देख, ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय के मुख्य भवन के निर्माण होने तक स्वयं के प्रयासों से एक अतिरिक्त कक्ष बनाने का निर्णय लिया। ग्राम प्रधान हर्षिला देवी की अध्यक्षता में खुली बैठक कर इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया गया। ग्राम पंचायत ने अंशदान कर 90 हजार रुपये एकत्रित किए और शुरूआती काम के लिए 40 हजार रुपये की निर्माण सामग्री खरीदी। प्रधानाध्यापिका विजया चमोला और सहायक शिक्षक दीपक भट्ट व शैलेंद्र गौड़ ने भी आर्थिक मदद की। 22 अगस्त को ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में करीब दो दशक पुराने जर्जर कक्ष को ध्वस्त किया। इसकी पूजा-अर्चना कर नई बुनियाद रखते हुए 25 मीटर लंबा व 20 मीटर चौड़े कक्ष का निर्माण शुरू कर दिया। कक्ष के निर्माण में स्कूली बच्चों, बड़ों, महिलाओं और बुुजुर्गों ने श्रमदान कर अहम भूमिका निभाई। 15 दिन में टिन की छत वाला कक्ष बाहर व भीतरी दीवारों पर सफेद और लाल रंग से सजाकर तैयार हो गया। साथ ही यहां अब कक्षाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। ग्राम प्रधान हर्षिला देवी, एसएमएसी अध्यक्ष विजय कठैत, इंद्र सिंह, मुरखल्या सिंह, राकेश सिंह, सुनील सिंह, बीरेंद्र लाल आदि ने कहा कि सभी के प्रयासों से यह सफलता मिल पाई। वहीं डीएम मंगेश घिल्डियाल, सीईओ एसएन काला, डीईओ माध्यमिक एलएस दानू व डीईओ बेसिक डा. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि क्यार्क-बरसूड़ी के ग्रामीणों ने सहभागिता की मिशाल पेश कर समाज को नया संदेश दिया है।