केदारनाथ। पुनर्निर्माण के तहत हो रहे कार्यों को गति देने के लिए 80 और मजदूर लगाए जाएंगे। साथ ही बर्फ को साफ कर संगम से मंदिर तक पैदल मार्ग के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। आगामी यात्रा तक व्यवस्थाएं पूरी तरह से चाक-चौबंद की जाएंगी। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने रविवार को धाम पहुंचकर कार्यों का जायजा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत निर्माण कार्य मौसम से ज्यादा प्रभावित न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए डीडीएम (लोनिवि) को मंदिर परिसर से सर्किल प्वांइट तक बने पैदल मार्ग को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि पैदल मार्ग का निर्माण समय पर हो, इसके लिए सोमवार को 80 मजदूर धाम पहुंच जाएंगे। सोमवार से पैदल मार्ग पर जमी बर्फ को साफ करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निरंतर कार्यों की देखरेख और मजदूरों को ठंड से बचाने के लिए उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए। डीएम ने एसडीएम गोपाल सिंह चौहान को एक हफ्ते तक धाम में ठहरने को कहा, जिससे कार्यों में तेजी बनी रहे।
सीमेंट नहीं हो रहा सेट
डीएम ने सरस्वती नदी पर हो रहे कार्यों का जायजा भी लिया। यहां निम कर्मियों का कहना था कि बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड से सबसे अधिक सीमेंट कार्य पर प्रभाव पड़ा है। सुरक्षा दीवार और स्नान घाट निर्माण में सीमेंट का कार्य नहीं हो पा रहा है। यहां रात और सुबह तापमान शून्य से 10 डिग्री नीचे पहुंच रहा है। ऐसे में मौसम अनुकूल होने पर ही सीमेंट से जुड़े कार्य हो पाएंगे। इस पर, डीएम ने अन्य कार्यों को करने और आगामी यात्रा से पूर्व स्नान घाट व सुरक्षा दीवार का निर्माण पूरा करने को कहा।
बर्फ से पैदल मार्ग प्रभावित
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग लिनचोली से धाम तक बर्फ से लकदक है, जिस पर आवाजाही संभव नहीं है। ऐसे में गौरीकुंड से निर्माण सामग्री और मजदूरों के लिए जरूरी वस्तुओं की सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं।