रुद्रप्रयाग। बसुकेदार तहसील के गांवों को ब्लॉक मुख्यालय अगस्तयमुनि से जोड़ने वाला पैदल पुल और बेडूबगड़-पठालीधार मार्ग व पैतृक घाट का पुनर्निर्माण आपदा के साढ़े पांच वर्ष बाद भी नहीं हो पाया । सामाजिक कार्यकर्ता भूपाल सिंह रावत का कहना है कि जून 2013 को बेडूबगड़ में मंदाकिनी नदी पर बना पैदल पुल, पैदल मार्ग और श्मसान घाट पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे, लेकिन साढ़े पांच वर्ष बाद भी इन संपत्तियों का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। इस समस्या के चलते बसुकेदार तहसील के पठालीधार, डांगी, सिनघाटा आदि गांवों के ग्रामीणों को कई किमी अतिरिक्त पैदल रास्ता तय कर अगस्त्यमुनि पहुंचना पड़ रहा है। बीडीसी, तहसील दिवस और जनता दरबार में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। साथ ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी क्षेत्र की समस्याओं के बारे में ज्ञापन सौंपा जा चुका है ।