लालपुर। केंद्रीय काउंसलिंग होम्योपैथिक विभाग की दो सदस्यीय टीम ने चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में अभिलेखों की जांच की। कॉलेज में टीम के पहुंचने से खलबली मची रही।
बताते चलें कि छात्र आशुतोष शर्मा, अरुण गंगवार, चंद्रशेखर, अदनान गनी ने कॉलेज में गड़बड़ियों की शिकायत की थी। कहा था कि कॉलेज में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं और न ही डॉक्टर हैं। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड मशीन भी बंद है। इस कारण मेडिकल कॉलेज में मरीज नहीं आते है। नियमों के तहत कॉलेज में प्रतिदिन 120 मरीजों का आना अनिवार्य है।
इसके अलावा फूड, अल्ट्रासाउंड, पर्यावरण आदि के लिए कॉलेज ने लाइसेंस भी नहीं ले रखा है। शिकायत करने पर छात्रों को फेल करने की धमकी दी जाती है। छात्रों की शिकायत पर सेंट्रल काउंसलिंग होम्योपैथिक के इंस्पेक्टर डॉ. शौकत अली व रिसर्च ऑफिसर डॉ. कुमार विवेकानंद ने कॉलेज पहुंचकर अभिलेखों की जांच की। उन्होंने छात्रों के बयान भी दर्ज किये।
साथ ही भर्ती मरीजों, मेडिकल स्टोर सहित कई विभागों में जानकारी ली। डॉ. अली ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट केन्द्र के अधिकारियों को भेजेंगे। निरीक्षण के दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरूप दास सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
जिसकी शिकायत की, वही जांच करने पहुंचा
लालपुर। चन्दोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। छात्रों ने बताया कि उन्होंने केन्द्रीय सतर्कता आयोग और आयुष विभाग को शिकायत की थी कि सीसीएच इंस्पेक्टर डॉ. शौकत अली कॉलेज की खामियों को छुपाकर प्रबंधन का साथ देते हैं।
इससे जांच निष्पक्ष नहीं हो पाती है। उनकी शिकायत के बाद सेंट्रल काउंसलिंग होम्योपैथिक ने जांच के लिए शौकत अली को ही नियुक्त कर दिया। इससे निष्पक्ष जांच होने के आसार कम है। इधर, शौकत अली ने इस बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया है।