रुद्रपुर। जिले के चार विकासखंडों की 13 ग्राम पंचायतों में हुए मनेरगा कार्यों में हुई धांधली के मामले में दोषी पाए गए कार्मिकों से एक महीने के भीतर छह लाख 15 हजार 708 रुपये की रिकवरी की जाएगी।
डीएम की अनुमति के बाद डीडीओ ने संबंधित बीडीओ को रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा दो ग्राम पंचायतों से रोजगार सेवक और कनिष्ठ अभियंता को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल चार विकासखंडों की 13 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए 19 निर्माण कार्यों में धांधली की शिकायत के बाद बीते तीन नवंबर को तत्कालीन सीडीओ ने तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई थी। टीम ने ग्राम पंचायतों में हुए नहर खुदान, सफाई कार्य और नाला निर्माण की जांच की थी।
टीम ने पाया था कि कागजों में निर्माण पूरे दिखाकर भुगतान ले लिया गया था लेकिन धरातल में कार्य अधूरे थे। जांच में 13 ग्राम पंचायतों के कनिष्ठ अभियंता, उपकार्यक्रम अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और अन्य दोषी पाए गए थे।
सीडीओ ने बीते 10 जनवरी को दोषी कार्मिकों से छह लाख 15 हजार 708 रुपये की रिकवरी के साथ ही ग्राम पंचायत छतरपुर और उमरुखुर्द के रोजगार सेवक एवं कनिष्ठ अभियंता को मनरेगा कार्यों से हटाने की संस्तुति डीएम से की थी।
डीडीओ अजय सिंह ने बताया कि डीएम की अनुमति मिलने के बाद चारों विकासखंड रुद्रपुर, सितारगंज, खटीमा और गदरपुर के बीडीओ को दोषी कार्मिकों से रिकवरी कराने को अधिकृत किया गया है।
एक महीने के भीतर रिकवरी कराकर रुपये राजकोष में जमा कराए जाएंगे। बताया कि मासिक मानदेय के आधार पर रखे गए दो ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवक और कनिष्ठ अभियंता को भी संबंधित बीडीओ को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।