रुद्रप्रयाग। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्भवती महिला की मौत की प्रमुख वजह बच्चेदानी का फटना और अधिक रक्तस्राव होना पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर अब संबंधित महिला डाक्टर पर कार्रवाई होना तय है। इधर, जिलाधिकारी शुक्रवार को स्वयं जिला अस्पताल पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी लेंगे।
सीएमओ डा. एसके झा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चेदानी के फटने से अत्यधिक रक्तस्राव होना बताया गया है। अगर, समय पर रक्तस्राव को रोक दिया जाता, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा कोई उपाय संबंधित चिकित्सक द्वारा नहीं किया गया। सीएमओ ने बताया कि सामान्य प्रसव के दौरान दबाव आम बात है, लेकिन यह भी ध्यान रखना जरूरी होता है कि दबाव कितना दिया जा रहा है, जिससे बच्चेदानी को क्षति नहीं पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट है कि अधिक दबाव के कारण बच्चेदानी फटी है, लिहाजा अब, इस विषय की भी जांच गंभीरता से की जाएगी। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल आज जिला अस्पताल पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी लेंगे। डीएम ने कहा कि मामला गंभीर है, लिहाजा जांच में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी सामने आएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला चिकित्सक ने मरीज से अभद्रता की
रुद्रप्रयाग। जिला अस्पताल में स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में तैनात महिला चिकित्सक ने एक मरीज से अभद्रता की है। इस मामले में तीमारदारों ने सीएमएस से शिकायत की है, जिस पर उन्होंने डाक्टर से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है। बृहस्पतिवार को नगर क्षेत्र से एक महिला अपने पति के साथ चेकअप के लिए जिला चिकित्सालय पहुंची, लेकिन वहां महिला डाक्टर ने जांच करने से साफ इंकार कर दिया। कई बार आग्रह करने पर भी महिला डाक्टर अपनी बात पर अड़ी रहीं। इस पर दंपति सीएमएस के पास पहुंचे और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। इस पर सीएमएस ने महिला डाक्टर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने बताया कि किसी भी मरीज से डाक्टर या पैरामेडिकल स्टॉफ द्वारा किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्यूरो