ऊखीमठ। भगवान आशुतोष के 11वें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम की सफल और निर्वघ्न यात्रा के लिए ओंकारेश्वर मंदिर में मुख्य क्षेत्रपाल आराध्य भैरवनाथ की विशेष पूजा की गई। भव्य शृंगार के साथ भगवान की 11 विशेष दिव्य आरतियां की र्गइं। इस मौके पर पूरी और काली दाल की पकोड़ी का भोग लगाया गया।
बुधवार को शाम सात बजे से पंचकेदार गद़्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान भैरवानथ की पूजा शुरू हुई। इस मौके पर गर्भगृह में स्थित भगवान केदारनाथ, भगवान मद्महेवर एवं ओंकारेश्वर की आरती की गई। मंदिर परिसर में स्थित मुख्य क्षेत्रपाल भैरवनाथ भगवान के मंदिर में केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में केदारनाथ के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी गंगाधर लिंग ने धाम की 6 माह की पूजा का संकल्प लिया और भगवान भैरवनाथ का जलाभिषेक, पंच अमृत स्नान, रुद्राभिषेक और तेल स्नान कराकर उन्हें नया वस्त्र चढ़ाया। रात करीब 10 बजे तक भैरवनाथ की 11 प्रकार की विशेष आरती की गईं। वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी, यशोधर मैठाणी, नवीन मैठाणी, मृत्युंजय हीरेमठ के वेद-मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के पुजारी राजशेखर लिंग, बागेश लिंग, शिव शंकर लिंग, गुरु लिंग एवं राज लिंग ने पूजा में होने वाली अन्य धार्मिक परंपराओं के साथ सभी औपचारिकताएं पूरी करने में सहयोग किया। इसके बाद भक्तों को प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, प्रशासनिक अधिकारी आरके नौटियाल, युद्धवीर पुष्पवाण, डीपी तिवारी और पीएस रावत सहित कई लोग मौजूद थे।