ऊखीमठ। डुंगर-सेमला-पलद्वाड़ी मोटर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर 20 गांवों के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय में जुलूस के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन, प्रशासन पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को प्रेषित ज्ञापन में आगामी 28 मार्च को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर भीरी में चक्काजाम की चेतावनी भी दी है।
सोमवार को पाव, जगपुड़ा, जबांजी, मक्कू, पलद्वाड़ी, भींगी, कनकिला, कुहेड, उथींड, पेलिंग, ठांड, धरसाल, परकंडी, चौंडा, गरवाली, ओरिंग, सुरसाल, सेमला, जलई आदि गांवों के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण ऊखीमठ पहुंचे। भारत सेवाश्रम तिराहे पर प्रात: 11 बजे एकत्रित होकर सड़क की मांग को लेकर नारेबाजी के साथ जुलूस-प्रदर्शन के साथ मुख्य बाजार होते हुए तहसील परिसर पहुंचे। यहां पर ग्रामीणों ने सभा का आयोजन किया, जिसमें वक्ताओं का कहना था कि अलग जनपद व राज्य गठन के बाद भी उन्हें यातायात सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। इस मौके पर डुंगर-सेमला-पलद्वाड़ी मोटर मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की संरक्षक जिला पंचायत सदस्य मीना पुंडीर एवं अध्यक्ष महावीर सिंह नेगी ने कहा कि 20 वर्ष बीत जाने के बाद भी मार्ग निर्माण की सुध नहीं ली जा रही है। तहसील दिवस, बीडीसी सहित शासन-प्रशासन के अधिकारियों को कई बार अवगत कराने पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। इस मौके पर एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भी भेजा गया, जिसमें मार्ग निर्माण को लेकर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर 28 मार्च को चक्काजाम की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन में वन पंचाय सरपंच देवेंद्र सिंह रावत, मदन सिंह राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदन सिंह राणा, जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, प्रधान शिव सिंह रावत, दिलबर सिंह रावत, सरस्वती देवी, मदन सिंह राणा, गायत्री देवी, कुषमा देवी, यशवंत सिंह आदि मौजूद थे।