तांशीपुर स्थित शहद फैक्टरी में कार्यरत 50 से अधिक महिलाओं ने वेतन में बढ़ोतरी के विरोध में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि वे दो साल से महज छह हजार रुपये मासिक वेतन पर काम रही हैं। ये श्रम विभाग की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी कम है।
एक दिन पहले महिलाओं ने फैक्टरी के बाहर धरना दिया था। एसडीएम रुड़की कार्यालय के बाहर धरना दे रही महिलाओं ने बताया कि उन्हें महज छह हजार रुपये मासिक वेतन देकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। वेतन बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को फैक्टरी गेट पर धरना दिया गया लेकिन न तो प्रशासन के किसी अधिकारी ने और न ही फैक्टरी प्रबंधन ने उनकी सुध ली। इस पर वह एसडीएम कार्यालय पर पहुंची हैं।
महिलाओं का कहना था कि श्रम विभाग की ओर से न्यूनतम 12500 रुपये मासिक वेतन के साथ ही ईपीएफ व ईएसआई जैसी सुविधाएं दिए जाने का प्रावधान किया गया है। कंपनी किसी भी नियम का पालन नहीं कर रहीं हैं। महिलाओं ने एसडीएम को ज्ञान सौंपकर 12500 रुपये प्रति माह वेतन देने, प्रत्येक माह की सात तारीख को वेतन जारी करने, बैंक खातों में वेतन दिए जाने, आपात स्थिति में गेट पास दिए जाने, बिना वेतन कोट रविवार और घोषित अवकाश दिए जाने, किसी प्रकार की गलती पर बिना नोटिस जारी किए नौकरी से नहीं निकाले जाने आदि की मांग की गई है। धरने के दौरान स्वाति, काजल, भूरी, कोमल, पूनम, सरिता, सलोचना, अंजू, कविता, डिंपल, सोनम, संतोष, पिंकी, रानी, बबीता, आशा एवं अलका आदि मौजूद रही।