लक्सर-खानपुर मार्ग पर विधायक के रिश्तेदारों से हुई लूट की घटना के तार बार्डर पार पुरकाजी से जुड़े हो सकते हैं। पिछले 15 दिन में पुरकाजी के आस-पास रोड होल्डअप कर ऐसी कई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। पुलिस पुरकाजी में आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों का रिकार्ड खंगालने में जुटी है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने पुरकाजी पहुंचकर क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों से इस तरह की घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटाई।
शनिवार रात लक्सर-खानपुर मार्ग पर छह-सात नकाबपोश बदमाशों ने ब्राह्मणवाला की पुलिया के पास दो कारसवार परिवारों और एक टैंपो में सवार लोगों को शिकार बनाया गया था। उसके बाद रविवार को पुलिस के डीआईजी पुष्पक ज्योति घिल्ड़ियाल ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी लेते हुए खानपुर एसओ राजेश कुमार को निलंबित कर दिया था। अब खानपुर पुलिस हरकत में आई है। अभी तक की जांच में पाया गया है कि पिछले 15 दिन में तीन-चार ऐसी घटनाएं पुरकाजी क्षेत्र में हो चुकी हैं। पुलिस का मानना है पुरकाजी के गैंग ने लक्सर-खानपुर की घटना को अंजाम दिया है। उसके बाद अब पुलिस मामले में पुरकाजी के आस-पास पिछले पांच साल में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों का रिकार्ड खंगालने में जुट गई है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अव्वल सिंह रावत का कहना है कि लक्सर-खानपुर मार्ग पर हुई वारदात जैसी घटनाएं पुरकाजी में हो चुकी हैं, इससे प्रतीत हो रहा है कि पुरकाजी के ही किसी गैंग ने ही लक्सर-खानपुर मार्ग की घटना को अंजाम दिया है। मामले को लेकर छानबीन की जा रही है।
दो पिकेट तैनात
पुलिस क्षेत्राधिकारी अव्वल सिंह रावत ने बताया कि मामले को देखते हुए पुरकाजी से आने वाले रास्ते के बार्डर व घटनास्थल के पास, दो पिकेट तैनात की गई है, जो 24 घटेें तैनात रहेगी।
थाने में फोर्स की कमी
खानपुर थाने की सीमा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर व बिजनौर जिले से मिलती है। यह बार्डर संवेदनशील है, लेकिन खानपुर पुलिस के पास इन बार्डर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त फोर्स नहीं है। इसके चलते इन दोनों जिलों के आपराधिक लोग आसानी से प्रदेश में दाखिल कर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर लौट जाते हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी अव्वल सिंह रावत का कहना है कि पुलिसकर्मियों की समस्या से एसपी देहात मणिकांत मिश्रा को अवगत कराया गया है।