I
I
I
I
I
I- एक के बाद एक पेपर लीक होने से आयोग पर लगा बदनुमा दाग
I
I I
I- पहले पटवारी और अब एई-जेई भर्ती परीक्षा पेपर लीक से उठे सवाल
I
I
I
I प्रदेश में एक के बाद एक परीक्षा घोटाला सामने आ रहा है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के बाद लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में धांधलेबाजी सामने आने के बाद तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। पेपर लीक होने से लोक सेवा आयोग पर बदनुमा दाग लग गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों में मायूसी है और आक्रोश भी। उम्मीदें जवाब देने लगी हैं। सवाल उठे हैं कि लगातार प्रश्नपत्र लीक होने से अब किस पर भरोसा करें।I
I
I
I
I
I
I
Iयूकेएसएसएससी की ओर से विभिन्न पदों की परीक्षा में धांधलेबाजी सामने आने के बाद एसटीएफ ने नकल माफिया को गिरफ्तार करने का सिलसिला शुरू किया था। नकल माफिया के जरिये दारोगा बने अयोग्य अभ्यर्थियों की अभी जांच चल ही रही है। विजिलेंस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने 20 दारोगाओं को निलंबित कर दिया था। जबकि हाल में ही हुई पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर भी लीक होने से हजारों अभ्यर्थियों को झटका लगा था। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के बाद कई परीक्षा लोक आयोग से कराने का निर्णय सरकार ने लिया था। लेकिन लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी सुरक्षित नहीं रह पाई। पहले पटवारी भर्ती की लिखित परीक्षा और अब एई-जेई की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का राज खुला। जिससे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को धक्का लग गया। अब युवा भविष्य अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंता में है। तमाम तरह के प्रश्न चिन्ह आयोग पर लगे हैं।I
विज्ञापन
I
I
I
I
I
I
I
I
Iबाहर कड़ा पहरा और अंदर ही हो रहा खेल
I
Iपरीक्षा केंद्रों पर नकल को रोकने के लिए कड़ा पहरा रखा जाता है। आयोग कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक चौबंद है कि बिना अनुमति के कोई अंदर भी नहीं जा सकता। बाहर कड़ा पहरा होता है और अंदर अधिकारी दलालों से मिलीभगत कर पेपर लीक करने का खेल कर देते हैं।I
I
I
I
I
I
I
I
I
Iजांच न होती तो अयोग्य बन जाते इंजीनियर
I
I
I
I- दस दिन पूर्व आयोग ने जांच के लिए लिखा था पत्र
I
I I
I- एसआईटी ने शुरू की थी एई-जेई भर्ती परीक्षा की जांचI
I
I
Iउत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से कराई गई सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई) भर्ती परीक्षा पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद संदेह के घेरे में आ गई थी। आयोग ने करीब दस दिन पहले जांच के लिए पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस परीक्षा की जांच शुरू हुई तो परीक्षा घोटाला खुलकर सामने आ गया। ऐसे में अगर जांच न होती तो शायद सैकड़ों अयोग्य अभ्यर्थी नकल के जरिये परीक्षा पास कर नौकरी पा लेने में सफल हो जाते।I
I
I
I
I
I
I
Iवर्ष 2021-22 अप्रैल, मई माह में एई और जेई की परीक्षा देकर सफल होने वाले अभ्यर्थी साक्षात्कार का इंतजार कर रहे थे। लेकिन पटवारी लेखपाल भर्ती पेपर लीक का खुलासा होने के बाद एई और जेई भर्तियों में भी पेपर लीक होने के सवाल खड़े हो गए थे। पेपर लीक की आशंका के बीच आयोग ने जांच कराने का निर्णय लिया था। जांच रिपोर्ट के बाद ही अगला कदम उठाने की बात कही थी।I
I
I
I
I
I
I
Iसप्ताहभर पहले एसआईटी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी थी। आरोपी राजपाल की निशानदेही पर बरामद साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जिसमें एई और जेई की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के राज से पर्दा उठा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यदि एई और जेई भर्ती परीक्षा की जांच न कराई होती तो अयोग्य अभ्यर्थी नकल कर इंजीनियर के पदों नियुक्ति पाने में कामयाब हो जाते। जबकि कई योग्य अभ्यर्थी नकल माफिया के कारण सफलता न प्राप्त न कर पाते।I
I
I
I
I
I
I
I- एई और जेई भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री तक कई शिकायतें पहुंची थी। इसके बाद उन्होंने इसकी विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे। एसआईटी जांच कर रही थी। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों में इस परीक्षा में चूक नजर आ रही थी। शासन को इस संबंध में अवगत कराया गया। कनखल थाने में विभिन्न धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। - अजय सिंह, एसएसपी हरिद्वारI
I
I
I
I
I
II
I
Iलाखों रुपये में बेच दिया हजारों अभ्यार्थियों का भविष्य
I
I I
I- अनुभाग अधिकारियों ने आयोग की गोपनीयता कर दी खोखली
I
I I
I- एई और जेई की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों में हड़कंप
I
I
I
Iवर्षों से पटवारी और एई-जेई की परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के सपनों पर नकल माफिया ने पानी फेरा है। आयोग के अधिकारियों के साथ मिलकर पेपर लीक कर लाखों रुपये में बेचकर योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को भी अंधकार कर दिया है। पटवारी और एई-जेई की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर माफिया ने पेपर ही नहीं बेचा बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को भी बेच दिया।
I
I
I
Iलोक सेवा आयोग के अनुभाग अधिकारियों को भारी भरकम वेतन मिलता है। लेकिन शॉर्टकट में मोटी रकम कमाने के लालच में अधिकारी सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के भविष्य से ही खिलवाड़ शुरू कर दिया। आयोग के दोनों अनुभाग अधिकारियों ने पेपर लीक कर योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को तो अंधकार में ला दिया। अभ्यर्थियों की मेहनत, तैयारी और नौकरी पाने के सपने पर पानी फेरने का काम किया है।
I
I
I
Iआठ जनवरी को आयोग की ओर से कराई गई पटवारी भर्ती लिखित परीक्षा में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 14,071 अभ्यर्थियों ने अपना भविष्य अजमाया था। निर्धारित पदों पर चयनित होने वाले अभ्यर्थियों की मेहनत पर भी पेपर लीक होने से पानी फिर गया था। अब वर्ष 2021-22 अप्रैल, मई में हुई एई की लिखित परीक्षा 531 और जेई की 3853 अभ्यर्थियों ने पास की थी। साक्षात्कार होने के बाद जेई के 735 और जेई के 166 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन होना था। योग्य अभ्यर्थियों की मेहनत सफल होने से पहले ही पेपर लीक होने की खबर ने सभी को परेशान करके रख दिया।
I
I I
I I
I I
Iलीक करवाने के आरोपी अलग-अलग, रटवाने वाले एक ही
I
I- जुर्स कंट्री सोसायटी और लक्सर में प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाने की है चर्चा
I
I
I
I
I
Iजेल में बंद शिक्षक राजपाल और उसके भतीजे संजीव दुबे ने जेई-एई के प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाने में अहम भूमिका निभाई। इन दोनों आरोपियों ने पटवारी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाए थे। संजीव दुबे के जुर्स कंट्री स्थित फ्लैट, सुनील सैनी के लक्सर स्थित आवास के अलावा एक अन्य रिश्तेदार के घर पर अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाने की चर्चाएं हैं।
I
I
I
Iपटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने में लोक सेवा आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी और उसकी पत्नी रितु ने भूमिका निभाई थी। जबकि राजपाल, संजीव दुबे और अन्यों ने मिलकर अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाए थे। जेई और एई की भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र को लीक करने में इस बार अनुभाग अधिकारी संजीव कुमार, भाजपा नेता संजय धारीवाल और नितिन चौहान, सुनील सैनी की भूमिका सामने आ रही है।I