मौसम के बदलते मिजाज की जानकारी अब किसानों को आसानी से मिल सकेगी। उद्यान विभाग ने जिले के छह ब्लॉकों में मौसम निगरानी टावर स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। टावरों से स्थानीय स्तर पर मौसम से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे जिससे किसानों को बारिश, तापमान, आर्द्रता और हवा की स्थिति की अधिक सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
अभी ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम संबंधी जानकारी के लिए किसानों को कृषि वेधशाला से जारी आंकड़ों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार किसी क्षेत्र विशेष में मौसम की स्थिति अलग होने के कारण सामान्य पूर्वानुमान किसानों के लिए उतना उपयोगी साबित नहीं होता।
ब्लॉक स्तर पर टावर स्थापित होने के बाद संबंधित क्षेत्र के मौसम का वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकेगा। इन आंकड़ों से किसानों को खेती की गतिविधियां मौसम के अनुसार तय करने में मदद मिलेगी। बारिश की संभावना को देखते हुए सिंचाई रोकने या बढ़ाने, फसल में कीटनाशक का छिड़काव करने और तैयार फसल की कटाई का समय तय करने में मौसम संबंधी जानकारी उपयोगी रहेगी।
तेज हवा या बारिश की संभावना होने पर किसान खेत में तैयार फसल को नुकसान से बचाने के लिए समय रहते कदम उठा सकेंगे। मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह ने बताया कि छह ब्लॉकों में मौसम निगरानी टावर लगाने के लिए स्थानों का चयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टावर लगने से किसानों की मौसमी फसलों के नुकसान के आकलन में आसानी होगी और किसानों को हुए नुकसान का जल्द आकलन कर मुआवजे का लाभ मिल सकेगा।
फसल बीमा में भी उपयोगी होंगे आंकड़े
स्थानीय मौसम आंकड़े फसल बीमा योजना में भी किसानों के लिए मददगार साबित हो सकते हैं। फसल को मौसम की वजह से नुकसान होने पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर नुकसान की स्थिति का आकलन करने में सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर मौसम की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और मुआवजे से संबंधित प्रक्रिया में भी इन आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा।