नेशनल कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में एनआईएच के वैज्ञानिकों ने छात्र-छात्राओं को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कहा कि बिना पानी के पृथ्वी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। वहीं जल का कोई विकल्प भी नहीं है इसलिए भविष्य के लिए जल संरक्षण बेहद जरूरी है।
शुक्रवार को क्षेत्र के नेशनल कन्या इंटर कॉलेज में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में रुड़की स्थित राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की के वरिष्ठ वैज्ञानिक इंजीनियर ओमकार सिंह बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि कृषि फसलों के उत्पादन में ऐसी तकनीकी का प्रयोग करना चाहिए जिससे भविष्य के लिए जल ज्यादा से ज्यादा संरक्षित किया जा सके। वैज्ञानिक एआर सैंथिल कुमार ने हाइड्रोलॉजिक साइकल (चक्र) के बारे में विस्तार से विद्यार्थियों को समझाया।
वैज्ञानिक दिगंबर सिंह ने जल संसाधनों के संरक्षण के लिए ठोस कचरे का उचित प्रबंधन आदि विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एनआईएच टीम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जल संरक्षण पर लघु फिल्म छात्र-छात्राओं को दिखाई गई। प्रधानाचार्य घनश्याम गुप्ता ने बताया कि इस दौरान छात्रों के बीच जल संरक्षण और जल सुरक्षा विषय पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इसमें सानिया सैनी, दीपिका, रजत कुमार, क्रमश: प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे।
आकांक्षा खटाना को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के बाद वैज्ञानिकों की टीम ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान से दौलत राम सहगल, वरुण गोयल, विजय कुमार, पंकज चौहान, संजय गुप्ता, बलराम गुप्ता, अभिषेक, आर्यन भाटी, अस्मित खटाना, प्रिया, नीशा, आदि मौजूद रहे।