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बिना बारिश के जलमग्न है शहर के कई रास्ते

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शहर में अब तक मूसलाधार बारिश नहीं हुई है लेकिन जगह-जगह जलभराव दिखाई देने लगा है। महज दो बारिश से ही शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। कई जगह कालोनियों में स्थिति ये है कि लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।
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शहर में अब तक केवल दो बार मूसलाधार बारिश हुई है। इन दोनों बारिश में भी करीब छह से सात दिन का अंतर है। ऐसे में दूसरी बारिश होने तक पहली बारिश का पानी सड़काें से सूख गया था लेकिन शहर के कई हिस्से ऐसे हैं जहां के लोग इसी बारिश से परेशान हो चुके हैं। इन हिस्सों में सड़कों पर दो बारिश के बाद ही जलभराव के हालात पैदा हो गए हैं। पहले पानी जैसे-तैसे नालियों से कालोनी से बाहर जा भी रहा था लेकिन बारिश से सड़क का कूड़ा नालियों और नालों में अट जाने से पानी सड़कों पर इकट्ठा होने लगा है। ऐसे में कई हिस्सों में मुख्य सड़कों और गली के रास्तों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
कई बार स्थानीय लोग एकत्र होकर सड़कों पर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसके बावजूद जनप्रतिनिधि सुस्त हैं। यदि राजेन्द्रनगर क्षेत्र की बात करें तो यहां की स्थिति बद से बदतर है। यहां अमूमन हर गली में जलभराव है। कृष्णानगर में भी पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोग जलभराव का दंश झेल रहे हैं। इसके अलावा पनियाला रोड, सत्ती मोहल्ला, ग्रीनपार्क कॉलोनी, शेरपुर, मयूर विहार में वर्तमान में सड़कें पानी से लबालब हैं।
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मकान बेचने को तैयार हैं लोग
कृष्णानगर में कुछ गलियों में जलभराव की स्थिति इतनी भयंकर है कि रहने वाले लोग परेशान हो चुके हैं। कुछ गलियों में पानी निकासी के लिए नाला नहीं होने से सालों से पानी गलियों में ही भरा पड़ा है। कुछ साधन युक्त लोगों ने जलभराव से परेशान होकर घर ऊपर उठवा लिए हैं। वहीं कुछ लोगों के आंगन में लगातार पानी भरा रहता है। मजबूरी में इन लोगों ने अपने घरों के सामने मकान बिकाऊ है के बोर्ड लगा लिए हैं।
जनप्रतिनिधियों ने किया किनारा
क्षेत्रवासी मंजीत सिंह, सोपाल कुमार, राहुल शर्मा, विवेक रावत, मनोज सैनी, सुरेंद्र कुमार का कहना है कि जलभाराव की समस्या से परेशान होकर कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है लेकिन अब तक समस्या हल नहीं की गई है। नगर मेयर से विधायक और मंत्री तक आवेदन भेज चुके हैं। आवेदन देने के बाद टीम सर्वे करने जरूर आती है लेकिन लौटकर नहीं आती है।
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