रामपुर रायघटी गांव के बीच से खनन सामग्री लेकर गुजर रही ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने गांव से गुजर रहे कई खनन वाहनों को रोककर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात गांव के बीच से गुजर रहे ओवरलोड वाहनों के कारण रास्ते पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और गांव में कीचड़ व जलभराव की समस्या पैदा होने लगी है।
रामपुर रायघटी गांव के पास नीलधारा गंगा में खनन पट्टे संचालित हैं। यहां से खनन सामग्री लेकर ट्रैक्टर-ट्राॅलियां लगातार गांव के बीच से गुजर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कें टूट चुकी हैं। रास्तों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है।
मंगलवार सुबह करीब 6.30 बजे पूर्व ग्राम प्रधान रामपाल सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण एकत्र हो गए। इसके बाद गांव से गुजर रही खनन सामग्री से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को रोक लिया गया। इस दौरान रामकुमार, गुड्डू, पप्पू, कुशम पाल, विकास कुमार, मिथुन, रोहित कुमार और नेपाल सिंह आदि का कहा कि खनन वाहनों के पहियों के नीचे से पत्थर फिसलकर सड़क पर गिरते रहते हैं जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
वहीं जलभराव और कीचड़ के कारण राहगीरों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वह पहले भी कई बार वाहन स्वामियों से गांव के रास्ते से ओवरलोड वाहनों की आवाजाही बंद कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के विरोध और वाहनों को गांव से न गुजरने देने की चेतावनी के बाद वाहन स्वामी ट्रैक्टर-ट्रालियों को लेकर लौट गए। इसके बाद मामला शांत हुआ।
ग्रामीणों के कहने पर रास्ते में डाली खनन सामग्री
विरोध के दौरान ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों के दबाव पर ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में भरी खनन सामग्री को जलभराव और खराब रास्तों पर डाला गया ताकि मार्ग को समतल किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि जब ओवरलोड वाहनों से सड़कें खराब हुईं हैं तो उन्हें ठीक कराने की जिम्मेदारी भी वाहन स्वामियों की ही है।
खनन सामग्री से लदे वाहनों को गांव के बीच से लेकर जाना सरासर गलत है। कोई गांव के बीच से खनन सामग्री का वाहन लेकर जाएगा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम, लक्सर