उत्तम शुगर मिल ने 07 दिन का 12.73 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान समितियों को भेज दिया है। समिति अब भुगतान को किसानों के खातों में भेजने की तैयारी कर रही है।
उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी का पेराई सत्र पांच नवंबर को शुरू हुआ था। इसके अलावा चीनी मिल की ओर से क्रय केंद्रों पर 3 नवंबर से गन्ना तौल का कार्य शुरू कर दिया गया था। मिल प्रबंधन की ओर से चीनी मिल चलने के बाद से प्रति सप्ताह भुगतान करती आ रही है।
इसी क्रम में मंगलवार को 11 से 20 जनवरी तक यानि के 07 दिनों का 12.73 करोड़ का गन्ना भुगतान गन्ना समितियों को भेज दिया है। शुगर मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह लांबा ने बताया कि शुगर मिल चालू सत्र में 169.32 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस बार शुगर मिल गन्ना की कमी से जूझ रही है। दिसंबर माह से शुगर मिल को मात्र 10-12 घंटे की पेराई का ही गन्ना मिल पा रहा है। वर्तमान पेराई सत्र में चीनी मिल ने अब तक 43.95 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। पिछले पेराई सत्र में इस अवधि तक 58.52 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी जो वर्तमान सत्र के मुकाबले में 14.57 लाख क्विंटल अधिक थी।
उन्होंने बताया कि अधिकांश किसान अपने खेतों में पॉपुलर की खेती कर रहे हैं जिससे गन्ने की पैदावार तो प्रभावित हो रही है और इसी वजह से गन्ने में बीमारी भी बढ़ रही हैं। शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल सिंह ने किसानों से अपील की कि वह को0 0238 प्रजाति के गन्ना की बुवाई न करें। यह गन्ना प्रजाति भयंकर बीमारी लाल सड़न रोग से ग्रसित हैं। उन्होंने किसानों से अपने गन्ना की आपूर्ति शुगर मिल को ही करने की अपील की है।