पिरान कलियर। रबिउल अव्वल का चांद नजर आने की खबर पर कलियर में शनिवार देर रात मेहंदी डोरी की रस्म के साथ दरगाह के 747वें सालाना उर्स का आगाज हो गया। देर रात तक चली इस रस्म में हजारों जायरीनों ने शिरकत की। इसी के साथ ही देश के कोने-कोने से जायरीनों का पिरान कलियर पहुंचने का सिलसिला भी शुरू गया है।
इस्लामिक माह रबिउल अव्वल का चांद हालांकि उत्तराखंड में नजर नहीं आ सका। शनिवार दोपहर तक भी ये माना जा रहा था कि रविवार को चांद के दीदार के बाद मेंहदी डोरी की रस्म अदा की जाएगी। मगर देर शाम देश में कई जगहों पर चांद नजर आने पर कलियर में देर शाम मेंहदी डोरी की रस्म शुरू कर दी गई। देर रात दरगाह के सज्जादानशीन शाह मंसूर एजाज साबरी अकीदतमंदों के साथ अल्लाहू अकबर हलको के साथ कलियर गांव में अपने कदीमी घर पहुंचे।
जहां तिलावते कुरआन शरीफ के बाद महफिल-ए-कव्वाली हुई। इसके बाद खास किस्म की मेहंदी और डोरी लेकर हजारों अकीदतमंद दरगाह साबिर पाक पहुंचे। मजार-एक- मुबारक पर सबसे पहले सज्जादा नशीन शाह मंसूर एजाज साबरी ने मेहंदी डोरी व सदल पेश किया। अकीदमंदों को मेहंदी डोरी बांटी गई। इस मौके पर शाह सुहेल, अली एजाज, खादिम मुनव्वर साबरी, खादिम इनाम साबिर, सफीक साबरी, गाजी मियां, राजी मियां, अजीम सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।