नगर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान एक छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों ने हंगामा कर दिया। उनका आरोप था डॉक्टरों ने इलाज के दौरान लापरवाही बरती। हालात गंभीर होने के बावजूद स्वयं इलाज करने के बजाए नौसिखिया स्टाफ से बच्ची का इलाज कराया। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को किसी तरह शांत कराया।
बता दें कि छुटमलपुर, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर निवासी इरफान की छह माह की बेटी लीजा की कुछ दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। इरफान ने बेटी को रुड़की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में बीएसएम तिराहे के पास स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। इलाज के बाद बेटी की तबीयत ठीक होने पर वे उसे घर ले गए थे। इसके बाद शुक्रवार को दोबारा बेटी की तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे लेकर फिर अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि तब बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब थी। इसके बावजूद बच्ची को डॉक्टर ने स्वयं देखने के बजाय नौसिखिया स्टाफ से चेकअप कराया। रात में बच्ची को वैंटीलेटर पर रखने की नौबत आ गई। इसके बाद
शनिवार सुबह डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। अचानक बच्ची की मौत की खबर सुनते ही परिजन हैरात रह गए। उन्होंने डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही बतरने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ता देख किसी ने इसकी सूचना गंगनहर कोतवाली पुलिस को दे दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह से मामला शांत कराया। पुलिस ने बच्ची का शव कब्जे में लिया है। प्रभारी निरीक्षक एश्वर्य पाल ने बताया कि इस मामले में अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।