रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली में पकड़े गए चोरी के ट्रकों का फर्जी चेसिस नंबर पर ट्रकों का रजिस्ट्र?
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ट्रकों के फर्जी पंजीकरण के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दोनों ट्रक को कब्जे में लेते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने पूछताछ में पाया है कि यह एक बड़ा गिरोह है, जो योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। पुलिस नेटवर्क को भेदने की कोशिशों में जुट गई है।
शनिवार को कोतवाली सिविल लाइंस में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक देहात स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि मनोज कुमार निवासी डिकोली थाना चांदीनगर बागपत उत्तर प्रदेश ने मणिपुर में पंजीकृत ट्रक को रुड़की एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत करने के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने मणिपुर एआरटीओ कार्यालय की एनओसी भी दी। इस मामले में एआरटीओ कार्यालय ने छानबीन की तो पता चला कि जिस ट्रक की एनओसी लगाई गई है, उस नंबर की एक एनओसी पिछले साल 11 जून को प्रस्तुत की गई थी। इस एनओसी पर एक ट्रक रुड़की कार्यालय से मंगलौर कस्बा निवासी शराफत के नाम पर पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने इस मामले में दोनों ट्रक को बरामद करने के साथ ही मनोज कुमार एवं खालिद निवासी गोला रोड बाईपास खंडोली थाना कंकरखेड़ा जिला मेरठ को गिरफ्तार किया है। जबकि शराफत इस मामले में फरार चल रहा है। उसकी दबिश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी देहात ने बताया कि यह एक बड़ा नेटवर्क है। इसके बारे में जानकारी ली जा रही है। जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।