पंचायत चुनाव में जनता पांच हॉट सीटों पर दिग्गजों की किस्मत का फैसला करेगी। इनमें दो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों, तिलहन संघ के पूर्व चेयरमैन और बसपा के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिले की जनता आज प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद कर देगी। इस चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इनमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र और सुभाष वर्मा के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश के भाई सुबोध राकेश, उत्तरप्रदेश सरकार में तिलहन संघ के चेयरमैन रहे सुरेंद्र सिंह शामिल हैं। बसपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह प्रह्लादपुर जिला पंचायत सीट से मैदान में हैं। उनके बेटे अंकुश चौधरी टिकौला सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों ही सीटों पर चौधरी राजेंद्र सिंह की साख जुड़ी है।
वहीं मानकपुर आदमपुर सीट पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा का नामांकन निरस्त होने के बाद उनके बेटे नवनीत चौधरी मैदान में उतरे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के किरण सिंह एवं कांग्रेस के सेठपाल परमार से है। वहीं मुंडलाना जिला पंचायत सीट पर तिलहन संघ के अध्यक्ष रहे सुरेंद्र सिंह पनियाला बतौर निर्दलीय मैदान में हैं।
सुरेंद्र सिंह इससे पहले जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन रह चुके हैं जबकि उनकी पत्नी सुनीता चौधरी एक बार जिला पंचायत सदस्य रही हैं और वर्तमान में जिला सहकारी बैंक में डायरेक्टर भी हैं। इसके अलावा भगवानपुर क्षेत्र के बालेकी युसूफपुर जिला पंचायत सीट पर बसपा नेता सुबोध राकेश की भाभी सरोज राकेश मैदान में हैं। राजनीति में प्रमुख चेहरे होने के चलते पांचों सीटें हॉट बन गई है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वैसे तो जिला पंचायत सीट ही राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि जिला पंचायत के लिए पार्टी उम्मीदवारों को समर्थन देती है और सूची जारी करती है। वहीं इस चुनाव में सिसौना की बीडीसी सीट ही हॉट बन गई है। इस बीडीसी सीट पर एक तरह से पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल और कांग्रेस विधायक ममता राकेश आमने-सामने आ गए हैं।
गौरतलब है कि चुनाव में जीतने वाले बीडीसी मेंबर ही ब्लॉक प्रमुख का चयन करते हैं। भगवानपुर ब्लॉक में प्रमुख बनने के लिए कांग्रेस विधायक ममता राकेश और झबरेड़ा के पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल ने अपनी-अपनी बेटियों को मैदान में उतारा है। हालांकि विधायक ममता राकेश की बेटी आयुषि पहले ही तेलपुरा सीट पर निर्विरोध हो चुकी है जबकि सिसौना सीट पर झबरेड़ा के पूर्व भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल की बेटी करुण कर्णवाल मैदान में हैं। सूत्रों के मुताबिक कर्णवाल भी अपनी बेटी को निर्विरोध विजयी बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर चुके थे लेकिन विरोधी खेमे ने इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया।
अब पूर्व विधायक कर्णवाल की बेटी करुणा कर्णवाल सिसौना की बीडीसी सीट से मैदान में हैं। यहां विरोधी खेमा करुणा को हराने के लिए पुरजोर कोशिश में होगा क्योंकि यदि करुणा कर्णवाल सीट जीतती हैं तो ब्लॉक प्रमुख का चुनाव पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल और कांग्रेस विधायक ममता राकेश की बेटियों के बीच ही होगा।