लक्सर क्षेत्र में पककर तैयार हुई गेंहूं की फसल।
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गेहूं के सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी सी रविशंकर की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि थ्रेसिंग मशीन पर तीन से अधिक श्रमिक नहीं रह सकेंगे। इसके साथ ही श्रमिकों को बार-बार घर आने की अनुमति भी नहीं दी गई है। इसके साथ ही अन्य फसलों को निराई-गुडाई आदि की भी अनुमति दी गई है।
इन दिनों कोरोना के कारण लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ रही थी कि खेतों में तैयार हो चुकी गेहूं की फसल आदि को लेकर क्या किया जाए। क्योंकि पुलिस व प्रशासन घरों से निकलने पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। किसानों की चिंता देखते हुए जिलाधिकारी सी रविशंकर ने आदेश जारी किए हैं कि कटाई के कंबाइन तथा थ्रेसिंग मशीन पर अधिकतम तीन श्रमिकों के साथ कार्य किया जा सकता है। इसके साथ ही इन श्रमिकों को बार-बार घर आने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक दिन काम समाप्ति के बाद ही श्रमिक घर आ सकेगा। इसके साथ ही किसानों को फसल को घर लाने तथा गोदाम ले जाने की अनुमति होगी। फसलों की निराई-गुडाई, रोपाई, कीटनाशक का छिड़काव व कटाई का काम भी किया जाएगा। आदेश में जिलाधिकारी की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धरा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश यादव को मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश यादव ने मामले की जानकारी दी है।
ये बरतनी है सावधानी
श्रमिकों के नियमित रूप से कई-कई बार साबुन से हाथ धुलवाने होंगे।
श्रमिकों के पानी पीने की अलग-अलग व्यवस्था करनी होगी।
श्रमिकों के मध्यम से कम से कम तीन मीटर की दूरी रखे।
श्रमिकों को मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी।
प्रयुक्त कृषि उपकरणों को समय-समय पर सैनिटाइजेशन कराना होगा।