रुड़की नगर निगम में बाहरी राज्यों से आए लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेती स्वास्थ्य विभाग की टी?
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कोरोना वायरस के संदिग्धों का सिविल अस्पताल में आने वालों का क्रम टूट नहीं रहा है। बुधवार को तीन नए मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसमें से एक मरीज 9 मार्च को ही निजामुद्दीन मरकज से लौटा था। तीनों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी।
देश में कोरोना वायरस का टूटने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के निजामुद्दीन में मिले कोरोना वायरस के शिकार लोगों ने उत्तराखंड को भी हिला कर रख दिया है। इसे लेकर रुड़की स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अलर्ट हो गई है। टीम गांव देहात व शहर में पता लगा रही है कि उनके घर के पास कोई संदिग्ध मरीज कोरोना का तो नहीं है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि बुधवार को तीन मरीज संदिग्ध मिले थे, जिनके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। वहीं तीनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इनमें से कोतवाली गंगनहर रुड़की के माधोपुर गांव निवासी एक मरीज नौ मार्च को निजामुद्दीन मरकज से लौटा है। जबकि दूसरा संदिग्ध उड़ीसा और तीसरा संदिग्ध राजस्थान से लौटा है। सिविल अस्पताल में अब तक कोरोना वायरस के लिए 61 मरीज उपचार कराने के लिए आ चुके हैं। जिनमें से 58 मरीजों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
कोरोना का मरीज मिलने की अफवाह से हड़कंप
रुड़की। नारसन क्षेत्र के एक गांव में सूचना मिली कि एक महिला कोरोना वायरस की चपेट में है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सिविल अस्पताल की टीम महिला को लेने के लिए गांव में पहुंच गई। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर लोग घर में बंद हो गए। किसी तरह से टीम ने महिला को एंबुलेंस में बैठाया और उसको सिविल अस्पताल में लेकर पहुंच गई। सिविल अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला की बारीकी से जांच पड़ताल की, लेकिन महिला के अंदर कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले। हालांकि उसकी खराब तबीयत को देखते हुए उसे एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि सूचना पर नारसन क्षेत्र में एक महिला की सिविल अस्पताल में जांच की गई है। हालांकि महिला में कोरोना वायरस जैसे कोई लक्षण नहीं मिले हैं।