मसजिद में नमाज पढ़ते मुसलिम संप्रदाय के लोग
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माह-ए-रमजान के पहले जुमे पर शहर और आसपास की मसजिदों में नमाज के लिए हजारों की संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ रही। जुमे की नमाज में अमन-ओ-चैन, भाईचारे और मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ की गई। साथ ही तकरीर में भी लंढौरा बवाल जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने देने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एमएनए गोपाल सिंह चौहान की ओर से शहर में साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
शहर में सोत मोहल्ला स्थित जामा मस्जिद में मौलाना अजहरुल हक ने जुमे की नमाज अदा कराई। तकरीर में फरमाया कि रोजा रखकर नमाज पढ़ना ही काफी नहीं है, बल्कि इस्लाम हमें सच्चाई, ईमानदारी और अमन की राह पर चलना सिखाता है। वहीं मौलाना अरशद कासमी ने फरमाया कि रमजान का हर दिन खास है, लेकिन रमजान में जुमे का विशेष महत्व है। जामा मस्जिद के इमाम कारी ने रमजान के माह में हर तरह की बुराइयों से दूर रहने की सलाह दी। मदरसा इरफानुल उलूम के मौलाना नसीम अहमद कासमी ने रमजान में रोजे की अहमियत बताई। मुफ्ती मोहम्मद सलीम और शहर काजी अमीर अहमद ने लोगों से अमन-ओ-चैन और भाईचारे की अपील की।
इसके अलावा शहर की सिविल लाइंस सहित अन्य मसजिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। दूसरी ओर कलियर में भी रमजान के पहले जुमे पर हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। उलेमाओं ने रमजान में रोजा व इबादत का महत्व बताया। कलियर स्थित साबरी जामा मस्जिद में हाफिज सऊद साबरी व कलियर नई बस्ती मरकज वाली मस्जिद में मौलवी जाकिर ने जुमे की नमाज अदा कराई और देश में अमन चैन और भाईचारे के लिए दुआ कराई। मौलवी जाकिर ने तकरीर के दौरान कहा है कि रमजान इबादत और फजीलत का महीना है। उन्होंने लंढौरा की घटना पर खेद जताया। साथ ही आपसी भाइचारा और अमन-ओ-चैन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने रमजान में अधिक से अधिक इबादत की नसीहत दी। बताया कि माह-ए-रमजान में इबादत का सवाब कई गुना अधिक मिलता है।