रुड़की। कोरोना की दूसरी लहर का असर कम होते ही इससे निपटने वाले इंतजामों के कार्यों की गति धीमी होती जा रही है। सिविल अस्पताल में एक साल से निर्माणाधीन आईसीयू वार्ड और दो महीने से निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं हो पाया गया है जबकि सिविल अस्पताल प्रबंधन ने दोनों को मई के अंतिम सप्ताह में शुरू करने का दावा किया था।
सिविल अस्पताल में पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान आईसीयू वार्ड को बनाने की कवायद शुरू हुई थी। उस दौरान अस्पताल के तृतीय तल पर आईसीयू बनाने के लिए काम शुरू किया गया था। साथ ही यहां पर 14 वेंटिलेटर भी पहुंच गए थे। इसके बाद धीरे-धीरे कोरोना का कहर कम हुआ तो आईसीयू बनाने की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। इसके कुछ समय बाद यह काम ठप ही हो गया। वहीं इस साल मार्च में एक बार फिर कोरोना ने अपना कहर बरपाया तो आईसीयू वार्ड की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में दोबारा आईसीयू का काम शुरू किया गया, लेकिन इस बार भी काम की रफ्तार बहुत धीमी थी। शुरू में अस्पताल प्रबंधक ने दावा किया था कि एक महीने के अंदर काम खत्म कर वार्ड शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद आईसीयू शुरू नहीं किया गया।
वहीं बाद में आईसीयू वार्ड शुरू नहीं होने के पीछे प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत का हवाला दिया गया। अब वार्ड के लिए स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है, लेकिन आईसीयू शुरू नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी ओर मार्च में ही जिले में बढ़ते कोरोना मरीजों के बीच ऑक्सीजन की किल्लत शुरू हो गई। तब अप्रैल में सिविल अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट बनाने का काम शुरू किया गया। तब भी दावा किया गया था कि मई के अंत तक ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में स्थिति यह है कि आईसीयू वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट अधर में अटके हैं। मामले में अस्पताल सीएमएस डॉ. संजय कंसल का कहना है कि आईसीयू वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हैं। जल्द ही इन्हें शुरू किया जाएगा।