रुड़की। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल का चुनाव एक बार फिर विवादों में आ गया है। पहले फर्जी सदस्य बनाने के आरोपों के चलते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने चुनाव पर रोक लगा दी थी। व्यापार मंडल ने आपत्तियों की सुनवाई के बाद चुनाव की नई तारीख घोषित कर दी थी। अब महामंत्री पद के एक प्रत्याशी पर एक मामले में कोर्ट से दोषी पाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इसे लेकर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बैठक की। साथ ही प्रदेश संगठन को मामले से अवगत कराकर दिशा-निर्देश मांगे हैं।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल का चुनाव 21 मार्च को जैन धर्मशाला में होना है। विभिन्न पदों पर चुनाव के लिए व्यापार मंडल से जुड़े 2614 व्यापारी मताधिकार का प्रयोग करेंगे। व्यापार मंडल का यह चुनाव शुरू से ही विवादों में रहा है। करीब दो महीने पूर्व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कुछ व्यापारियों के फर्जी वोटर बनाए जाने की शिकायत पर चुनाव स्थगित कर दिया था। इस दौरान व्यापार मंडल से जुड़े दो पदाधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता बरते जाने को लेकर इस्तीफा भी दे दिया। इसके बाद व्यापार मंडल ने बनाए गए सदस्यों के सत्यापन और आपत्ति के लिए तिथियां घोषित कर आपत्तियों का निपटारा कर दिया। अब 21 मार्च को चुनाव होना है। इसी बीच बृहस्पतिवार को महामंत्री पद के प्रत्याशी हर्षित गुप्ता ने इसी पद के दूसरे प्रत्याशी की चुनाव प्रबंधन से शिकायत की।
उन्होंने कहा कि एक प्रत्याशी पर अवैध रूप से पटाखा का स्टॉक करने के लिए मुकदमा हुआ था। कोर्ट ने दोष सिद्ध करते हुए उन्हें एक साल की सजा भी सुनाई है। वहीं, बताया जाता है कि मामला अभी ऊपरी अदालत में चल रहा है। गुप्ता का आरोप है कि प्रत्याशी ने मुकदमा नहीं होने का झूठा शपथपत्र भी दिया है। वहीं, इस संबंध में देर शाम व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बैठक की। चुनाव अधिकारी प्रमोद गोयल और जिलाध्यक्ष सौरभ शर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। पदों के सापेक्ष जो भी आवेदन आए हैं, उन पर आपत्तियों के लिए पांच दिन निर्धारित किए थे। उस समय इस तरह की कोई आपत्ति नहीं आई थी। अब शिकायत मिली है। इस संबंध में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।