बेलड़ा गांव में बवाल की पटकथा चुनावी हार का बदला लेने के लिए लिखी गई थी। पुलिस की जांच में इसकी पूरी तरह से पुष्टि हो गई है। पुलिस ने बवाल के मामले में जिस योगेश को मुख्य सूत्रधार बताया है वह जिला पंचायत चुनाव लड़ चुका है। उसने अपने प्रतिद्वंद्वी से बदला लेने के लिए ग्रामीणों को उकसाया था। पुलिस उसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दे रही है।
बेलड़ा बवाल के पीछे जिसका अनुमान लगाया जा रहा था, वह हकीकत निकला। दरअसल, बेलड़ा के युवक की मौत के बाद सोमवार शाम को गांव में जमकर बवाल हुआ था। बवाल के पीछे तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। अमर उजाला ने मंगलवार और बुधवार को दोनों अंकों में आशंका जताई थी कि बवाल पूर्वनियोजित है और इसके पीछे चुनावी रंजिश है। अब इस आशंका पर पुलिस ने भी मुहर लगा दी है।
सूत्रों का कहना है कि जांच में सामने आया है कि बवाल के मुख्य सूत्रधार योगेश कुमार ने बसपा के सिंबल पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। उसके सामने ग्राम प्रधान सचिन की महिला रिश्तेदार चुनाव लड़ रही थी। सूत्राें का कहना है कि मतदान वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच भिड़ंत हुई थी। उस दौरान गैरइरादतन हत्या के आरोपी बने अमन की योगेश से काफी बहस हो गई थी। बाद में चुनावी नतीजे आए तो महिला प्रत्याशी के सामने योगेश को हार का मुंह देखना पड़ा था।
तभी से योगेश दूसरे पक्ष से बदला लेने के मौके की तलाश में था। जो मौका उसे रविवार की रात पंकज की मौत को लेकर मिल गया। योगेश ने रात में ही हादसे को हत्या में बदलकर तूल दे दिया और सोमवार को भीड़ को साथ लेकर कोतवाली पहुंचकर हंगामा करा दिया। उसने भीड़ को शाम तक उकसाने का काम किया। भीड़ गांव पहुंची तो उसी के उकसाने पर बवाल कर दिया। पुलिस की जांच में पुष्टि हो चुकी है और कोर्ट में पुलिस इसी को आधार बनाएगी।
20 से अधिक किए चिह्नित
बेलड़ा बवाल में पुलिस की ओर से शनिवार को वीडियो, फोटो और सीसीटीवी कैमरों की मदद से 20 से अधिक लोगों को चिह्नित किया गया है। चिह्नित करने के बाद पुलिस इनकी तलाश कर रही है। साथ ही इनकी मोबाइल लोकेशन खंगाल रही है।