पिछले वर्ष बरसात के दौरान नदी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हुआ रपटा मरम्मत की राह देख रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्राम बंजारावाला और आसपास के ग्रामीणों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। अक्सर आकस्मिक परिस्थितियों में स्थिति और बुरी हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार यह रपटा गांव को नेशनल हाईवे और देहरादून मार्ग से सीधे जोड़ता था। रपटा टूटने से क्षेत्र के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। पहले जहां लोग कुछ ही मिनटों में गणेशपुर हाईवे पहुंच जाते थे वहीं अब उन्हें बिहारीगढ़ होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने, फसल और कृषि उपकरण लाने-ले जाने में अतिरिक्त समय व खर्च बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया है। प्रधान प्रतिनिधि मुकेश सैनी, मुस्तफा अंसारी, संजीव सैनी, सम्मून और शाकिर अली ने प्रशासन से जल्द रपटा निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।