फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो विकास पर भारी पड़ेगा राष्ट्रपति शासन

Sun, 27 Mar 2016 11:58 PM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद जिले के विकास कार्यों पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। सरकारी मशीनरी के अपने काम करने के अंदाज के चलते सड़क आदि के निर्माण में गति को बनाए रखना प्रशासन के लिए अब आसान नहीं होगा। जिले में करोड़ों रुपये के प्रस्ताव विधायकों की ओर से भेजे गए हैं। यह सभी कार्य अब जिलाधिकारी एवं एसडीएम की देखरेख में होंगे। जिले में सभी विधायकों की ओर से इस वित्तीय सत्र में अभी तक अपनी विधायक निधि करीब 10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नहीं भेजे हैं। इन कार्यों के प्रस्ताव भी अब प्रशासन को तय करने होंगे।
विज्ञापन

प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद असल चिंता अब विकास कार्यों को लेकर है। प्रशासन को आम लोगों की समस्याएं सुलझाने के अलावा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का भी भार होगा। वहीं विधायकों के अधिकार छिनने के बाद अब विधायकों की भूमिका समाप्त होने का विपरीत असर पड़ेगा। क्योंकि विधायक अपने स्तर पर भी निधि के तहत भेजे गए प्रस्तावों पर निर्माण शुरू कराने में दखल रखते हैं। लेकिन अब अधिकारियों पर यह दबाव खत्म हो जाएगा। दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी नीयत प्रक्रिया के तहत अधीनस्थों की जांच पड़ताल के बाद प्रस्ताव जारी करेंगे और काम शुरू करवाएंगे। ऐसे में तमाम विकास कार्यों पर राष्ट्रपति शासन का असर पड़ना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर जिले के 11 विधायकों की ओर से करोड़ों रुपये के कार्य लंबित चल रहे हैं। इसके अलावा वर्तमान सत्र के 30 करोड़ की विधायक निधियों में से 10 करोड़ की निधि के प्रस्ताव भी जिला प्रशासन को नहीं भेजे गए हैं। इस निधि को तेजी के साथ खर्च कर विकास को गति देना प्रशासन के लिए खासी चुनौती साबित हो सकती है।

विधायकों के चहेतों को नहीं मिल पाएंगे काम
रुड़की। अक्सर विधायक निधि के तहत होने वाले कार्यों का ठेका विधायकों के चहेते ठेकेदारों को ही मिलता रहा है। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद जिले के ठेकेदारों में खलबली का माहौल है। अब प्रशासन की ओर से नियमानुसार प्रक्रिया के बाद किसी ठेकेदार को कार्य मिलेगा। ऐसे में सड़क आदि में लगने वाले मोटे बजट को भुनाने की ठेकेदारों की मंशा पर पानी फिर जाएगा। माना जा रहा है कि इन सबके चलते सड़कों के प्रस्ताव सड़क पर आ जाएंगे। यानी सड़कों के निर्माण की गति भी प्रभावित होगी।
विज्ञापन


इनका कहना है
राष्ट्रपति शासन के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की चुनौती नहीं है। पहले की तरह ही सभी कार्यों का संचालन कराया जाएगा। आम लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
विज्ञापन

-मंगेश घिल्ड़ियाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें