रुड़की। नगर निगम की शहर में लगी तीन गेंट्री का कोई ठेका दो साल से जारी नहीं हुआ है, इसके बाद भी लगातार गेंट्री पर विज्ञापन लगाए जा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि निगम अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दो सालों में निगम को लाखों का चूना लग चुका है।
नगर निगम रुड़की में आमदनी का एक बड़ा जरिया विज्ञापन भी है। निगम को विज्ञापनों से लाखों रुपये की आमदनी होती है। जिसमें होर्डिंग, पोल क्योस्क व गेंट्री के विज्ञापन शमिल है। होर्डिंग व पोल क्योस्क के विज्ञापन का ठेका हो चुका है, लेकिन गेंट्री का दो सालों से ठेका जारी नहीं हुआ है। निगम की तीन गेंट्री है। जिसमें एक मलकपुर चुंगी पर लगी है। दूसरी सिविल अस्पताल रुड़की के सामने है। जबकि तीसरी गेंट्री एसडीएम चौराहे पर है। करीब चार साल पहले गेंट्री का ठेका दो साल के लिए 19 लाख रुपये का हुआ था। दो साल पहले ठेके की अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन इसका ठेका दोबारा जारी नहीं हो पाया है। गेंट्री पर नियमित रूप से विज्ञापन पहले की तरह से ही लग रह हैं। दो सालों में निगम को इससे एक रुपये भी नहीं मिले है। निगम को बिना अनुमति रहे गेंट्री विज्ञापनों से लाखों रुपये का चूना लग चुका है। खास बात यह है कि सभी गेंट्री शहर में ही लगी है, लेकिन इसके बाद भी इन पर किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ी है।
...तो बड़ी दुर्घटना के बाद हटेगी एसडीएम चौराहे पर लगी गेंट्री
एसडीएम चौराहे पर लगी गेंट्री को सड़क सुरक्षा समिति हटाने की संस्तुति कर चुकी है। इस संस्तुति को भी एक साल से अधिक हो चुका है। समिति ने इस गेंट्री के कारण दुर्घटना की आशंका जताई है, लेकिन इसके बाद भी इस गेंट्री को हटाया नहीं गया है। हैरानी की बात यह है कि इस गेंट्री पर भी विज्ञापन नियमित रूप से लग रहे हैं। नगर निगम सड़क सुरक्षा समिति की संस्तुति के बाद भी आखिर इस गेंट्री को अभी तक क्यों नहीं हटा पाया है, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि शायद नगर निगम किसी हादसे का इंतजार कर रहा है।
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गेंट्री का पूर्व में कई बार टेंडर जारी किया जा चुका है, लेकिन शर्तें पूरी न होने के चलते यह ठेका जारी नहीं हो पाया है। जल्द ही ठेका जारी किया जाएगा। गेंट्री पर बिना अनुमति जो विज्ञापन लगे हैं, उन्हें हटवाया जाएगा।
राकेश चंद तिवारी, नगर आयुक्त, नगर निगम रुड़की।