हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी को गोली मारने के बाद हमलावर बाइक लेकर रुड़की की ओर फरार हुए थे। उधर पेशी पर ले जाने के दौरान विनय त्यागी पर हमले का इनपुट मिलने पर नगर में रुड़की मार्ग, बालावाली तिराहा और कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर ली थी। इस पर हमलावरों ने बाइक से फरार होने की योजना में बदलाव करते हुए जंगल के रास्ते इलाके से बाहर निकलने का इरादा बनाया था। हमलावरों ने अपनी बाइक लक्सर-रुड़की मार्ग पर ही छोड़ दी थी। रात के समय कांबिंग के दौरान बदमाशों की बाइक पुलिस को मिल गई थी। इसके बाद पुलिस को अंदाजा हो गया था कि हमलावर अधिक दूर नहीं निकल सकेंगे। इसे देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र के जंगलों में कांबिंग शुरू कर दी थी। इसके लिए सौ से अधिक पुलिसकर्मियां के अलावा दो प्लाटून पीएसी को भी लगाया गया। वहीं बदमाशों ने रुड़की की ओर जाने के बजाय खानपुर की ओर से बिजनौर से होकर उत्तराखंड की सीमा से बाहर जाने का प्रयास। इसी प्रयास के दौरान सीमा पर नाकाबंदी और लगातार कांबिग के कारण वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए। हालांकि कयास लगाए जा रहे हैं कि पुलिस को बुधवार देर रात बदमाशों के संबंध में पुख्ता जानकारी हाथ लगी थी। लक्सर कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि हमलावरों की तलाश में लगातार क्षेत्र के जंगलों में कांबिग की जा रही थी। गहनता से पूछताछ में उनसे कई अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।