आपसी विवाद में युवक पर जानलेवा हमलाकर उसे गोली मार देने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी युवक को न्यायालय से जमानत नहीं मिली। अभियोजन पक्ष ने आरोपी को जमानत मिलने पर साक्ष्यों से छेड़खानी और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताते हुए जमानत का विरोध किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि वादी सर्वेश देवी की ओर से लक्सर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया कि 27 मई 2025 को उनका बेटा मोहित अपने घर के बाहर खड़ा था। इस दौरान आरोपी रजत व उसके साथियों ने वहां आकर उसके साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर उसपर तमंचे से फायर कर दिया।
सीने में गोली लगने से मोहित गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर अवस्था में उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आरोपी रजत को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से जेल में बंद आरोपी की ओर से न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया था।
इसमें उसने स्वयं को निर्दोष और स्वयं पर लगे आरोपों को निराधार बताया था। अभियान पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि घटना की प्राथमिकी में आरोपी नामजद है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उससे घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है।
आरोपी को जमानत दिए जाने पर साक्ष्यों से छेड़खानी और गवाहों को प्रभावित होने की आशंका जताते हुए जमानत का विरोध किया गया। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।