रुड़की। नियमित योग करके हम शरीर को निरोग रख सकते हैं, लेकिन इसमें सावधानी आवश्यक है। बिना जानकारी और बेतरतीब योग करने से कई लोग तरह-तरह की बीमारी के शिकार हो चुके हैं।
कई बार लोग आधी-अधूरी जानकारी के योग क्रियाएं करने लग जाते हैं। यह आधी अधूरी जानकारी हमारे शरीर को बीमार कर देती हैं। ऐसे में आवश्यक है कि योग करने से पहले हम यौगिक क्रियाओं के संबंध में पूरी जानकारी जुटा लें। इस संबंध में योगाचार्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि योग की सही जानकारी नहीं होने से लेने के देने पड़ सकते हैं। कपालभाति तेजी से करने के कारण न सिर्फ व्यक्ति का बीपी हाई हो सकता है। बल्कि उसे पेट और कमर दर्द की भी शिकायत हो सकती है। कपालभाति एक सेकंड में एक बार करनी चाहिए। इसके अलावा अनुलोम विलोम भी तेजी से करने पर व्यक्ति का बीपी हाई हो जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को दो सेकेंड में एक बार अनुलोम विलोम क्रिया पूरी करनी चाहिए। इसी प्रकार अन्य यौगिक क्रियाएं भी निर्धारित मानकों के अनुसार करनी चाहिए।
केस स्टडी-1
आईआईटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी केपी सिंह की करीब दो माह पहले हार्ट की समस्या के चलते अचानक तबियत बिगड़ गई। स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर दिखाने की सलाह दी। दिल्ली एम्स में रोग के बारे में जानकारी देते ही चिकित्सक ने पूछा कि क्या आप योग करते हैं। उन्होंने बताया पिछले कई महीनों से वह लगातार योग कर रहे हैं। चिकित्सक ने उन्हें योग करने की सलाह दी। उसके बाद से उनके तबियत में सुधार हुआ है। योग क्रियाएं करने के लिए उन्होंने कोई क्लास या ट्रेनिंग नहीं ली थी।
केस स्टडी-2
रामनगर निवासी संजय चौधरी पिछले कई माह से योग कर रहे थे। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई क्लास या ट्रेनिंग नहीं ली थी। पिछले करीब एक माह से उनके कमर में दर्द रहने लगा और बीपी भी बढ़ गया। जांच के बाद चिकित्सक ने उन्हें योग नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने स्वीकार किया कि नियमित और सही तरीके से योग नहीं करने के कारण उन्हें कमर दर्द की शिकायत हुई है।
आवास विकास में योग शिविर आज
रुड़की में आवास विकास क्षेत्र स्थित नारायण पार्क में मंगलवार को योग शिविर का आयोजन किया जाएगा। योगाचार्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि शिविर में एक हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शिविर सुबह छह बजे से आरंभ किया जाएगा। ब्यूरो