कोटवाल से बसवाखेड़ी तक बनने वाली सड़क को लेकर तकरार बरकरार है। एक पक्ष की ओर से खेतों से सड़क बनाने का विरोध किया जा रहा है, साथ ही कोर्ट से स्टे का भी हवाला दिया जा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष जबरन सड़क बनवाने पर अड़ा है। मामले में शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने पुलिस की उपस्थिति में निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने जबरन खेत में लगे गन्ने को कटवाकर मार्ग निर्माण शुरू कर दिया। इससे नाराज पीड़ित पक्ष ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के समीप आत्मदाह की चेतावनी दी है।
कोटवाल से बसवाखेड़ी मार्ग का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, आरईएस की ओर से किया जा रहा है। गांव में दो पक्षों के बीच चल रही तकरार के कारण मार्ग का निर्माण कार्य लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इस पर आरईएस की टीम ने काम बंद कर प्रशासन को मामले से अवगत करा दिया था। बीते रोज दूसरे पक्ष ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिलकर सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई। इसके बाद क्षेत्रीय थाना प्रभारी को पुलिस बल के साथ मार्ग निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। शनिवार को मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने मार्ग के रास्ते में आ रहे खेत के गन्ने को जबरन कटवा दिया। इस दौरान उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन पुलिस बल के समक्ष विरोध करने वालों की एक नहीं चली। ऐसे में पीड़ित ने अब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के समक्ष आत्मदाह की चेतावनी दी है। उसका कहना है कि प्रशासन को पहले जमीन का उचित मुआवजा दिलाना चाहिए, इसके बाद सड़क निर्माण कराना चाहिए। उसका दावा है कि मामले में कोर्ट ने भी निर्माण पर स्टे दे रखा है, इसके बावजूद उसके साथ जबरदस्ती की गई।