हजरत उसमान जहांगीर चिश्ती हजरत शाह विलायत मंगलौरी का सालाना उर्स धूमधाम व अकीदत के साथ संपन्न हुआ। 7, 8 व 9 नवंबर को शाह विलायत के उर्स में दूरदराज से सभी धर्मों के लोगों ने शिरकत की।
सज्जादानशीन शाहवकार चिश्ती ने दुआ में कहा कि देश में अमन-सलामती व भाईचारे की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सूफी संतों ने हमेशा कौमी एकता और मुहब्बत का पैगाम दिया है। यही देश की गंगा-जमुनी तहजीब का आइना का है। उन्होंने कहा कि हम अपने बुजुर्गों की नाफरमानी की वजह से परेशान हैं।
समाजसेवी सय्यद अली हैदर जैदी ने कहा कि मंगलौर लम्बे समय से बुजुर्गों का मसकन रहा है। यहां से इल्म और दीन की रोशनी दूर तक फैली है। इस दौरान उर्स में पूर्व चेयरमैन चौ. इस्लाम, नवाज काजमी, फरमान खान, मोनिस काजमी, जिलानी उस्मानी, राहत अली, डाॅ. कमाल अनवर, सूफी मेहरबान, सूफी फुरकान, हाफिज मंसूर, शायान अहमद आदि मौजूद रहे।