दरगाह हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक का सालाना उर्स मेहंदी डोरी की रस्म के साथ शुरू हो गया है। उर्स के आगाज के साथ ही दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सूफियाना महफिलों का दौर शुरू हो गया है।
दस्तारबंद कव्वाल निजाम साबरी और उनके सहयोगी मुख्तयार उस्ताद, इंतजार साबरी, जावेद और अरमान ने साबिर पाक की शान में कलाम पेश कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। कव्वालियों के दौरान जायरीन घंटों तक बैठकर सूफियाना कलाम सुनते नजर आए।
उर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से जायरीन, सूफी संत और कव्वाल लगातार कलियर पहुंच रहे हैं। खानकाहों, डेरों और अन्य स्थानों पर भी कव्वाली की महफिलें सज रही हैं। कव्वाल साबिर पाक और सिलसिला-ए-चिश्तिया की शान में कलाम और अशआर पेश कर अकीदतमंदों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान कर रहे हैं।
उर्स के दौरान दरगाह के आसपास विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग समय में कव्वालियों का सिलसिला जारी है। अकीदतमंद इन महफिलों में शामिल होकर रूहानी सुकून महसूस कर रहे हैं। वहीं 25 अगस्त को आयोजित होने वाली छोटी रोशनी में शिरकत करने के लिए कलियर शरीफ में जायरीनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हजारों अकीदतमंद दरगाह पर कतारबद्ध होकर चादर पेश कर रहे हैं और अमन, भाईचारे व खुशहाली की दुआ मांग रहे हैं। साहिबजादा शाह यावर अली एजाज साबरी और शाह यासिर एजाज साबरी ने बताया कि दस्तारबंद कव्वालों के अलावा रामपुर, दिल्ली, महाराष्ट्र, नजीबाबाद, मुरादाबाद, संभल, लखनऊ और अवध क्षेत्र के प्रसिद्ध कव्वाल भी उर्स में शिरकत करेंगे। ये कव्वाल साबिर पाक की शान में अपने विशेष कलाम पेश कर महफिलों को रौनक प्रदान करेंगे।