खानपुर क्षेत्र के रामसहायवाला गंगा नदी के घाट पर हो रहे कटाव को लेकर सिंचाई विभाग द्वारा शुरु किय
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पानी का स्तर कम होने के बावजूद रामसहायवाला गांव के सामने गंगा नदी तटबंध में कटाव करती जा रही है। इससे लोगों में भय बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की इस समस्या को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया और हाथोंहाथ तटबंध की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है।
पहाड़ों में भारी बारिश के बाद गंगा नदी कुछ दिन पहले खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी थी। हालांकि दो दिन बाद गंगा में पानी का स्तर कम होने लगा था। मगर इसके बाद गंगा का उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला गांव के सामने कटाव जारी रहा। कटाव करते हुए गंगा गांव की ओर बढ़ रही है। रविवार को कटाव इतना बढ़ा कि किसानों के हजारों बीघा जमीन की फसल गंगा में बह गई। साथ ही मां काली का मंदिर भी नदी में समा गया। इस खबर को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। इस खबर के सुर्खियाें में आने के बाद सोमवार को ही सिंचाई विभाग ने तटबंध की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। सिंचाई विभाग ने आनन-फानन में मौके पर तटबंध की मरम्मत के लिए लोहे का जाल, कच्चा माल आदि भिजवाकर काम शुरू करा दिया है। सिंचाई विभाग के जेई दीपक कुमार का कहना है कि मौके पर कच्चा माल पहुंचाकर तटबंध की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है।