पति के जाने पर शुरू हुआ मुफलिसी का वक्त
आकाश का जब इंटरमीडिएट का पहला पेपर था। उसी दिन उनके पिता की हार्ट अटैक आने से मृत्यु हो गई। इस पहाड़ जैसे दुख के बीच आकाश ने सभी परीक्षाएं दीं और फर्स्ट डिवीजन से पास हुआ। इसके बाद मां के सामने बच्चों की परवरिश और मुफलिसी के समय दोनों चुनौतियां एक साथ खड़ी हो गईं।
आशा मधवाल बताती हैं कि उनके पति बीईजी में इंजीनियर थे। उनकी मृत्यु के बाद छह माह महीने तक पति के सभी अकाउंट ब्लॉक हो गए। जिस पर वे मुंबई में भाइयों के पास गई और मदद मांगी। पेंशन शुरू होने के बाद भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद बेटा इंजीनियर बन गया और नौकरी लग गई तो कुछ सहारा दिखने लगा और अब बेटे ने अपनी कामयाबी से काफी हद तक जिंदगी के घाव पर मरहम लगा दिया है। मन में एक ही मलाल है कि उनके पति जिंदा होते तो वे भी अपने बेटे को खेलता हुए देखते।
पहले इंजीनियर बनकर पूरा किया पिता का अरमान
आशा मधवाल ने बताया कि उनके पति कहा करते थे कि वह इंजीनियर है और उनका बेटा भी इंजीनियर बनेगा। आकाश ने पहले इंजीनियर बनकर अपने पिता का सपना पूरा किया और अब क्रिकेटर बनकर उनका सम्मान बढ़ा रहा है।
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बड़े भाई के बाद करेंगी आकाश की शादी
धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को पूरी अहमियत देने वाली आशा मधवाल बेहद मृदु स्वभाव की हैं। आकाश की शादी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी उसके बड़े भाई आशीष की शादी नहीं हुई तो आकाश की कैसे करेंगी। उन्होंने बताया कि आशीष कुछ बिजनेस करने की सोच रहा है। पहले आशीष की शादी करूंगी और उसके बाद आकाश की।