रुड़की/भगवानपुर। प्रदेश सरकार राज्यभर में उद्योगों को बढ़ावा देने का दावा करती आ रही है, लेकिन भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्रों की हालत देखकर नहीं लगता कि सरकार इनके विकास के लिए गंभीर है। भगवानपुर, सिकंदरपुर, रायपुर और लकेश्वरी आदि औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्या उद्योगों की गति रोक रही है। करीब 13 साल पहले विकसित हुए इन औद्योगिक क्षेत्र में आजतक बुनियादी सुविधाओं का ढांचा विकसित नहीं हो सका।
करीब 13 साल पहले भगवानपुर क्षेत्र के सिकंदरपुर, रायपुर, लकेश्वरी, मक्खनपुर व सिसौना आदि गांवों के आसपास बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया था। इन क्षेत्रों में 500 सेे ज्यादा फैक्ट्रियां कार्यरत हैं। आधा अधूरा विकास होने के कारण यहां जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी। फलस्वरूप सभी औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव बड़ी समस्या बन गई है। भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज करणावत, महासचिव गौतम कपूर, एनपी शुक्ला, प्रवीण गर्ग, मनोज सदावर्ते, शरद अग्रवाल, अशोक शुक्ला व शिवम कुमार आदि ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस समस्या का निराकरण कराकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराएं।
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कभी ट्रैक्टर तो कभी नाव से पहुंचे हैं फैक्ट्रियों में
जलभराव के कारण इन औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसे हालात बन जाते हैं कि कभी ट्रैक्टरों की मदद से तो कभी नाव चलाकर उद्यमियों और कर्मचारियों को फैक्टरी तक पहुंचना पड़ता है। एसोसिएशन के महासचिव गौतम कपूर का कहना है कि समस्या के कारण उद्योगों में तैयार सामान को बाहर भेजने और बाहर से कच्चा माल मंगाने में भी दिक्कतें होती हैं। इससे उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
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फाइलों में ही दबी रह गई 26 करोड़ की योजना
तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने इस समस्या से निजात दिलाने की पहल की थी। जुलाई 2015 में हरीश रावत सरकार की कैबिनेट बैठक चुड़ियाला स्थित मां चूड़ामणि पीजी कॉलेज में हुई थी। इसमें नाला निर्माण के लिए 26 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इस धनराशि से संबंधित शासनादेश भी जारी हो गया था, लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही इस समस्या के समाधान की फाइल भी बंद हो गई।
भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या के निराकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यह समस्या मुख्यमंत्री की घोषणा में भी शामिल है। इसके निराकरण के लिए निरीक्षण भी किया जा चुका है। जिस स्थान पर नाले का निर्माण किया जाना है, वहां कुछ जमीन निजी लोगों की आ रही है। इसका निराकरण होने के बाद ही समाधान हो सकेगा। इस बारे में उच्चधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
-संतोष कुमार पांडे, एसडीएम, भगवानपुर