स्वच्छता अभियान के तहत रुड़की रेलवे स्टेशन और परिसर का निरीक्षण करने पहुंची रेलवे बोर्ड की टीम ने आसपास के क्षेत्रों में पसरी गंदगी से किनारा कर लिया। प्लेट फार्मों और कार्यालयों का निरीक्षण कर रेल अधिकारियों की ओर से खानापूर्ति कर दी जबकि रेल परिसर में सुंदरीकरण के लिए लगे फव्वारे बदहाल पड़े हैं। यहां पड़ी गंदगी बीमारी को निमंत्रण दे रही है। लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। वहीं अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान रेलवे कर्मचारियों और क्षेत्रीय पार्षद ने रेल कालोनी में जलभराव और गंदगी की समस्या से अवगत कराया, लेकिन टीम ने उसे देखने की जहमत तक नहीं उठाई। इससे लोगों में आक्रोश है।
स्वच्छता अभियान के तहत बुधवार को रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देशरत्न गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम रुड़की रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंची। सुबह लगभग 10 बजे पहुंची टीम ने प्लेट फार्मों और कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था पर संतोष जताया। साथ ही अधिकारियों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने स्टेशन के बाहर परिसर क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। बाहर सुंदरीकरण के लिए लगाए गए झरने में गंदगी पसरी पड़ी थी, लेकिन अधिकारियों की इस ओर नजर ही नहीं पड़ी। इसी दौरान रेलवे कर्मचारी और क्षेत्रीय पार्षद विजेंद्र वर्मा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने निरीक्षण कर रहे अधिकारियों को रेलवे कालोनी की समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि क्षेत्र में गंदगी और जलभराव से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों से समस्याएं देखने का भी अनुरोध किया। लेकिन अधिकारियों ने निगम को पत्र लिखने की बात कहकर इससे किनारा कर लिया। इससे रेलकर्मी और क्षेत्रवासी ठगे से रह गए। बाद में कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों का कहना था कि जब स्वच्छता अभियान के तहत साफ सफाई का निरीक्षण करने आए हैं तो गंदगी से मुंह फेरकर स्वच्छ भारत का सपना साकार नहीं किया जा सकता है। निरीक्षण करने वाली टीम के साथ स्टेशन अधीक्षक एसएस वर्मा और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
इंजन का भी रखरखाव नहीं
रुड़की स्टेशन के बाहर लगे ऐतिहासिक इंजन का भी रखरखाव सहीं ढंग से नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि इंजन के बाहर शनिवार और रविवार को चार बजे से छह बजे तक इसे संचालित करने का उल्लेख किया गया है। लेकिन पिछले कई सप्ताह से इसकी सुध नहीं ली जा रही है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक एसएस वर्मा का कहना है कि कर्मचारियों की कमी से इंजन का संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह से इसे संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।