आदर्श नगर में चिह्नित 43 भवनों का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किया निरीक्षण
आदर्शनगर में 43 भवनों के चिह्नित अतिक्रमण का शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने निरीक्षण किया। जेएम को टीम के साथ निरीक्षण करता देख लोगों में हड़कंप मचा रहा। लोग अपने घरों से बाहर आ गए और कागज दिखाए।
लोगों का कहना था कि उन्होंने बैनामा करा जमीन खरीदी, फिर नक्शा पास करा मकान और दुकान बनाए तो अवैध अतिक्रमण कैसा हो गया। जेएम ने कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं है तो वह नहीं टूटेगा। नियमों के मुताबिक ही कार्रवाई होगी। अतिक्रमण की शिकायत तहसील दिवस पर डीएम के समक्ष की गई थी। डीएम के निर्देश पर नगर निगम व तहसील प्रशासन की ओर से पैमाइश कराई गई थी। जिसमें 43 भवन और दुकान ऐसे मिले थे, जिन्होंने सड़क पर 10 से 15 फीट तक कब्जा किया हुआ है।
डीएम ने अतिक्रमण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 26 अप्रैल अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन लोगों ने सांसद और विधायक से गुहार लगाई थी। इसके बाद उन्होंने जांच कराने के बाद ही कार्रवाई की बात अफसरों से कही थी। इसके बाद 26 अप्रैल का अतिक्रमण हटाओ अभियान स्थगित कर दिया गया था। शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव शाह दोपहर के समय नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला, सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता आदि के साथ आदर्शनगर पहुंचे।
उन्होंने चिह्नित अतिक्रमण को देखा। जेएम को टीम के साथ आदर्श नगर में देख लोगों में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर आ गए। जिन मकानों और दुकानों पर अतिक्रमण चिह्नित किया गया था। उन्होंने कागजात और मंजूर नक्शा दिखाया। लोगों कहना था कि उन्होंने नियमों के तहत ही निर्माण किया है। फिर अतिक्रमण कैसे हो सकता है। जेएम ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह दोबारा पैमाइश करा रहे हैं।
कहा कि रिकार्ड के आधार पर पैमाइश कराने पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।