करौंदी के एक होटल में सैनिक कल्याण एवं औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर भगवानपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने औद्योगिक विकास मंत्री से भगवानुर क्षेत्र में भी सिडकुल की तरह ही स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीडा) के नियम लागू किए जाने की मांग की।
सोमवार को सैनिक कल्याण एवं औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी भगवानपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिलने करौंदी स्थित एक होटल में पहुंचे। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2017 में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) को भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र की जिम्मेदारी दे दी गई। प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी कंपनी का नक्शा पास करने के लिए आवासीय नियमों के हिसाब से फीस लगाता है जबकि फैक्टरी 50 से 100 बीघा जमीन में लगती है। ऐसे में उसकी फीस ही 50 लाख से ज्यादा हो जाती है। उन्होंने हरिद्वार की सिडकुल और पंतनगर की तरह भगवानपुर की जिम्मेदारी भी सीडा को देने की मांग की।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कई साल पहले क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम पास होकर काम शुरू होने वाला था, लेकिन आज तक काम नहीं शुरू हो पाया है। उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम बनवाने की मांग की। इस दौरान औद्योगिक मंत्री ने उनकी समस्याओं को हल कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक ममता राकेश, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, सिडकुल के क्षेत्रीय मैनेजर जीएस रावत, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता, एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कर्नावत, सचिव गौतम कपूर, एमपी शुक्ला, अशोक शुक्ला, ज्ञान तिवारी, अमित टक्कर, अनिल चौधरी, मुकेश गर्ग, शरद अग्रवाल, संजीव सिंह, प्रवीण गर्ग, सय्यद अली हैदर मौजूद रहे।
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एसोसिएशन ने मंत्री को दिया ज्ञापन
करौंदी से औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी रुड़की जिला उद्योग केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर उद्योगपतियों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद वे नगर विधायक प्रदीप बत्रा के होटल पहुंचे। यहां स्माल स्केल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनसे वार्ता की। साथ ही मंत्री को दस सूत्री ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उद्यमियों ने कहा कि रामनगर में अधिकतर उद्योग लीज की जमीन पर हैं। उन्होंने जमीन को फ्री होल्ड करने, औद्योगिक क्षेत्र में अग्निशमन की स्थायी व्यवस्था करने, क्षेत्र के लघु उद्योगों को पर्यावरण प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया से मुक्त करने सहित कई मांगें रखीं। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश, सचिव मुकेश शर्मा, संयुक्त सचिव विकास सिंघल, मुस्तकीम, मुकुल गर्ग, नीरज शिवा, पंकज गोयल, नवीन अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, विनीत मित्तल, विजय भारद्वाज, राजीव मित्तल आदि मौजूद रहे।