स्थानीय रूट के यात्रियों को सस्ता, सुरक्षित और आरामदायक सफर देने वाली देवबंद की बसों में यात्रियों का टोटा है। रोजाना 10-15 यात्री ही बस में सवार होकर देवबंद जा रहे हैं। सुबह आठ बजे के बाद बस का नियमित संचालन हो रहा है।
दिल्ली, खाटू श्याम, अंबाला और हल्द्वानी आदि लंबे रूट पर रोडवेज की 25 से अधिक बसों का संचालन है। स्थानीय रूट देवबंद, सिडकुल, भगवानपुर, झबरेड़ा पर बसों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। पर्वतीय डिपो की छह बसों को भी रुड़की डिपो के बेड़े में शामिल किया गया। करीब तीन माह पूर्व स्थानीय रूट पर बसों का संचालन शुरू किया गया लेकिन झबरेड़ा, भगवानुपर और देवबंद रूट ही खुल पाए।
कुछ समय बाद इन रूट पर बसों की संख्या सीमित होने पर डिपो और चालक ने बसों को चलाने से मुंह फेर लिया था। इसके बाद बसों के संचालन पर संकट के बादल छाने लगे थे। वर्तमान में भगवानपुर से बसों को देहरादून तक दौड़ाया जा रहा है। इसका सकारात्मक असर भी दिखा है लेकिन देवबंद रूट पर बस का संचालन कोई खास कमाई नहीं कर पा रहा है।
हालांकि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर रोजाना सुबह में बस का संचालन जारी है। दावा है कि धीरे-धीरे रूट पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी या समय परिवर्तन पर भी विचार किया जा सकता है। कनिष्ठ केंद्र प्रभारी रामकुमारी का कहना है कि लोकल रूट पर बसों का संचालन हो रहा है पर उम्मीद के मुताबिक बस में यात्री नहीं मिल पा रहे हैं।