कोराना संक्रमण के चलते जहां शहर के शादियों के मंडप बंद पड़े हैं तो शांतिकुंज जैसी संस्था में भी 23 मार्च के बाद कोई शादी नहीं हुई हैं। आगे के लिए भी किसी ने आवेदन नहीं किया है। अब शादियां 25 नवंबर को देव उठायनी के बाद से शुरू होंगी।
कोरोना संक्रमण शुरू होने पर 23 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो गया था। इसके बाद शादियों के कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए। शादी के तैयारियां भी धरी की धरी रह र्गइं और मंडपों में ताले लग गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ शादियां बिना मेहमानों के हुईं भी, लेकिन इस अवधि में शांतिकुंज में एक भी शादी नहीं हो सकी।
शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि शासनादेश के मुताबिकस शादियां बंद करा दी गई थीं। अब शादी कराने के लिए शासन ने गाइडलाइन भी जारी कर दी, लेकिन शांतिकुंज में किसी भी परिवार ने शादी के लिए आवेदन नहीं किया है।
14 दिसंबर तक मुहूर्त
तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने बताया कि शादियों का मुहूर्त एक जुलाई से बंद हो गया था। अब 25 नवंबर को देव उठावनी एकादशी के साथ ही शादियों का सीजन फिर से शुरू हो जाएगा। इसके बाद इस साल 14 दिसंबर तक शादियों का शुभ मुहूर्त है।