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डर और उत्साह के बीच 25 नवंबर को हर तरफ गुंजेंगी शहनाई, 14 दिसंबर तक है कई मुहूर्त

Mon, 14 Sep 2020 06:30 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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डर और उत्साह के बीच 25 नवंबर से विवाह का मुहूर्त शुरू होते ही रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में फिर से शहनाई गूंजेंगी। कोरोना के डर के बावजूद विवाह समारोह को लेकर लोगों में कितना उत्साह है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 25 नवंबर के लिए शहर के सभी वेडिंग प्वाइंट की एडवांस में बुकिंग हो चुकी है। हालांकि, कोविड-19 की मार के साथ ही इस बार शुभ मुहूर्त की संख्या बेहद कम होने के कारण विवाह समारोह से जुड़े रोजगार के क्षेत्र में निराशा का माहौल भी है।

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मार्च के आखिरी सप्ताह में लॉकडाउन के बाद से ही शादी समारोह लगभग ठप से हो गए। अनलॉक में कुछ शादियां हुईं भी तो परिवार के चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में। इधर, पिछले चार महीने से लग्न नहीं होने के कारण शादियों पर ब्रेक लगा है। अब चार महीने शयन करने के बाद बैकुंठ के अधिपति भगवान विष्णु 25 नवंबर को नींद से जागेंगे। इसी के साथ ही जगह-जगह शुभ मुहूर्त में होने वाले काम भी शुरू हो जाएंगे।

इसका सबसे सकारात्मक असर विवाह समारोह पर पड़ रहा है। रुड़की निवासी गैलेक्सी इवेंट के वेडिंग प्लानर कुंवर शाहिद ने बताया कि 25 नवंबर को सबसे तेज लग्न है। इस दिन के लिए वे अभी तक दस शादियों के ऑर्डर कैंसल कर चुके हैं। यही नहीं, शहर में एक भी वेडिंग प्वाइंट खाली नहीं है। 30 नवंबर तक शादियों का काफी मुहूर्त हैं।
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इसके बाद शुभ मुहूर्त की संख्या काफी कम है। मार्च, 2021 तक मात्र नौ शुभ मुहूर्त हैं। ऐसे में पहले कोरोना और इसके बाद मुहूर्त की कम संख्या के चलते निराशा का माहौल भी है। नए साल में जनवरी में एक और फरवरी में दो मुहूर्त हैं जबकि मार्च में उचित मुहूर्त नहीं है। विवाह समारोह को मैनेज करने वाले संजय विश्वकर्मा का कहना है कि उनके पास जितने भी वेडिंग प्वांट हैं, उनमें हजारों लोगों के लिए जगह है, लेकिन सरकार ने केवल 100 लोगों को ही अनुमति दी है। लोगों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर डर है। इसके चलते काम करना मुश्किल हो रहा है। सरकार छूट को थोड़ा बढ़ाए तो कुछ उम्मीद की जा सकती है।

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शांतिकुंज : 23 मार्च से नहीं हुई कोई शादी, आगे भी उम्मीद नहीं

कोराना संक्रमण के चलते जहां शहर के शादियों के मंडप बंद पड़े हैं तो शांतिकुंज जैसी संस्था में भी 23 मार्च के बाद कोई शादी नहीं हुई हैं। आगे के लिए भी किसी ने आवेदन नहीं किया है। अब शादियां 25 नवंबर को देव उठायनी के बाद से शुरू होंगी।

कोरोना संक्रमण शुरू होने पर 23 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो गया था। इसके बाद शादियों के कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए। शादी के तैयारियां भी धरी की धरी रह र्गइं और मंडपों में ताले लग गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ शादियां बिना मेहमानों के हुईं भी, लेकिन इस अवधि में शांतिकुंज में एक भी शादी नहीं हो सकी।

शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि शासनादेश के मुताबिकस शादियां बंद करा दी गई थीं। अब शादी कराने के लिए शासन ने गाइडलाइन भी जारी कर दी, लेकिन शांतिकुंज में किसी भी परिवार ने शादी के लिए आवेदन नहीं किया है।

14 दिसंबर तक मुहूर्त
तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने बताया कि शादियों का मुहूर्त एक जुलाई से बंद हो गया था। अब 25 नवंबर को देव उठावनी एकादशी के साथ ही शादियों का सीजन फिर से शुरू हो जाएगा। इसके बाद इस साल 14 दिसंबर तक शादियों का शुभ मुहूर्त है।
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